
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष का एकादशी का व्रत आज है। वर्षभर पड़ने वाली 24 एकादशियों में से मोक्षदा एकादशी का विशेष महत्व है। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि इस एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति और उसके पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा से सुख-समृद्धि मिलती है और ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती है। साल भर में आने वाली सभी एकादशी का अलग-अलग महत्व बताया गया है। ऐसी ही मोक्षदा एकादशी का व्रत करने वालों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसका व्रत बेहद ही कल्याणकारी माना गया है।
मोक्षदा एकादशी तिथि का आरंभ रविवार 30 नवंबर को रात नौ बजकर 30 मिनट पर हुआ है और एक दिसंबर को शाम सात बजकर दो मिनट पर तिथि समाप्त होगी। ऐसे में उदय तिथि के अनुसार, मोक्षदा एकादशी तिथि का एक दिसंबर को आज किया जा रहा है। इसी दिन रात में 11 बजकर 18 मिनट पर पंचक भी समाप्त होगा।
मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर शिववास योग समेत कई दुर्लभ और मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। शिववास योग प्रदोष काल में है। इस समय देवों के देव महादेव भगवान शिव कैलाश पर विराजमान रहेंगे। इसके साथ ही रेवती और अश्विनी नक्षत्र का संयोग है।
एकादशी के व्रतधारी सुबह मंदिर में आचार्य व्रतधारियों को एकादशी के व्रत की कथा सुनाएंगें। कथा के बाद श्रद्धालु मंदिर व कमजोर के लोगों को दान-पुण्य करेंगे।