मल्टीमीडिया डेस्क। इस बार नागपंचमी 5 अगस्त सोमवार को मनाई जाएगी। यह दिन कई मायनों में बहुत खास बताया जा रहा है। 20 साल बाद यह पहला मौका है जब श्रावण में सोमवार के दिन नागपंचमी आई है। इस दिन लोग भगवान शिव शंकर की पूजा करेंगे, साथ ही नागदेवता की आराधना भी करेंगे। यहां जानिए नागपंचमी के मुहूर्त और इस दिन क्या करें, क्या न करें -

नाग पंचमी शुभ मुहूर्त

नागपंचमी दो दिन मनेगी। पंचमी तिथि 4 अगस्त शाम 6.48 बजे से शुरू होगी और 5 अगस्त दोपहर 2.52 बजे तक रहेगी। हालांकि कैलेंडर के अनुसार, नागपंचमी 5 अगस्त को ही मनाई जाएगी। इस दिन सुबह 5:49 से 8:28 तक शुभ मुहूर्त है।

नागपंचमी पूजा विधि

विभिन्न धर्मग्रंथों में नागपंचमी पर पूजा की अलग-अलग विधियां बताई गई हैं। पंडितों के मुताबिक, आमतौर पर नाग के दर्शन करने, उनकी पूजा करने और दूध पिलाने से पुण्य मिलता है और कालसर्प के दोष से मुक्ति मिलती है। कहीं-कहीं घर के मुख्य द्वार पर सांप का चिन्ह बनाने की परंपरा है। लोग नागदेवता को सेवई और चावल का प्रसाद भी चढ़ाते हैं।

देश के विभिन्न स्थानों पर घर में नागदेवता की पूजा का रिवाज है। घर में नागदेवता बनाए जाते हैं और विधि विधान से उनकी पूजा की जाती है।

नागपंचमी पर न करें ये काम

मान्यता है कि नागपंचमी के दिन घर में कोई भी चीज चाकू से नहीं काटी जाती है। साथ ही चूल्हे पर तवा या कड़ाई चढ़ाने की मनाही है। किसान इस दिन अपने खेतों में हल नहीं चलाता है। जहां भवन निर्माण का काम चल रहा है, वहां जमीन की खुदाई नहीं की जाती है। सुई-धागे या सिलाई मशीन का इस्तेमाल भी न करें। यदि नागपंचमी के व्रत का संकल्प लिया और कोई मन्नत मांगी है तो इसका पालन पूरी श्रद्धा के साथ करें, निश्चित फल मिलेगा। इस दिन सपेरों से नागों को खरीदकर उन्‍हें मुक्‍त कराना शुभ माना जाता है।

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