Navratri 2021: भारत में नवरात्रि का पर्व मुख्य रूप से दो बार मनाया जाता है। नवंबर के महीने के आस पास आने वाली शारदीय नवरात्रि को हम बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं। नौ दिनों के लिए मां दुर्गा की मूर्ति रखी जाती हैं और पूरे उल्लास के साथ उनकी पूजा की जाती है। चैत्र नवरात्रि में हम मां दुर्गा की मूर्तियां भले ही न बैठाते हों, पर विधि विधान से उनकी पूजा करने से बहुत लाभ मिलता है। इस साल नवरात्रि 13 अप्रैल को शुरू होकर 21 अप्रैल तक रहेगी। नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ अवतारों की पूजा होती है। पहले दिन घट स्थापना की जाती है। घट यानि कलश को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। इसलिए इसका बड़ा महत्व होता है। आइए जानते हैं इस साल घट स्थापना का मुहूर्त विधि क्या है।

कलश स्थापना मुहूर्त

12 अप्रैल को प्रातः 8 बजे से शुरू होकर 13 अप्रैल को प्रातः 10 बजकर 16 मिनट तक चैत्र प्रतिपदा रहेगी। कलश स्थापना 13 अप्रैल को प्रातः 5:45 बजे से प्रातः 9:59 तक और अभिजीत मुहूर्त पूर्वाह्न 11:41 से 12:32 के बीच की जा सकती है।

कैसे करें कलश स्थापना

सुबह उठकर स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनें और मंदिर की सफाई करके लाल या सफेद रंग का कपड़ा बिछाएं। कपड़े पर चावल रखकर मिट्टी के बर्तन में जौ बो दें। जिस बर्तन में आपने जौ बोया है उसी के ऊपर जल से भरा हुआ कलश रखें। इस पर स्वास्तिक बनाएं और कलावा बांध दें। कलश में सुपाड़ी, सिक्का और अक्षत डालना न भूलें। अब इस कलश पर अशोक के पत्ते रखें और एक नारियल लेकर उसे चुनरी से लपेटें और कलावा बांध दें। अब मां दुर्गा का आव्हान करें और दीप जलाकर कलश की पूजा करें। आप अपनी सुविधा के हिसाब से सोना, चांदी, तांबा, पीतल या मिट्टी का कलश स्थापितकर सकते हैं।

Posted By: Arvind Dubey

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