Navratri Vrat 2022: हिंदू पंचांग के अनुसार 26 सितंबर से शारदीय नवरात्रि प्रारंभ होने जा रही है। नवरात्रि का पर्व नौ दिनों तक मनाया जाता है। इस बार नवरात्रि का समाप्ति 5 अक्टूबर को होगी। नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस दौरान भक्त नौ दिनों तक व्रत रखते हैं। ऐसे में कुछ गर्भवती महिलाएं भी हैं जो नवरात्रि के नौ दिन व्रत रखती हैं। वैसे तो डॉक्टर अक्सर गर्भवती महिलाओं को व्रत न रखने की सलाह देते हैं। व्रत के दौरान डिहाइड्रेशन, थकान, कमजोरी आदि की समस्याएं हो सकती हैं। गर्भवती महिला के साथ उसके गर्भ में पल रहे शिशु की सेहत पर भी इसका असर हो सकता है। लेकिन अगर फिर भी गर्भवती महिलाएं व्रत रखना चाहती हैं तो कोशिश करें कि पूरे नौ दिनों तक व्रत न रखें।

डॉक्टर की सलाह जरूर लें

यदि आप गर्भवती हैं तो नवरात्रि के पहले और आखिरी दिन व्रत रख सकती हैं। लेकिन अगर आप पूरे नौ दिनों तक व्रत रखना चाहती हैं तो ऐसे में गर्भावस्था की परेशानी से बचें। अपने साथ-साथ शिशु का भी अच्छी तरह से ख्याल रखें। आपकी अनजाने में हुई कोई भी लापरवाही आपके शिशु और आपके लिए हानिकारक हो सकती है। पहले आप अपने डॉक्टर से व्रत रखने की सलाह लें। कई महिलाएं शारीरिक रूप से काफी कमजोर होती हैं। ऐसे में उनका व्रत रखना खतरनाक हो सकता है। डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही आप व्रत रखें।

ऐसी स्थिति में न रखें व्रत

अगर आप प्रेग्नेंसी के दौरान सिर दर्द, थकान और हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज की समस्या से परेशान हैं तो आपको व्रत नहीं रखना चाहिए। ऐसा करना आपके शिशु के विकास और सेहत के लिए समस्या पैदा कर सकता है। इसके अलावा यदि आप किसी और भी समस्या से परेशान तो भी व्रत न रखें।

निर्जला व्रत न रखें

गर्भवती महिलाएं अगर नवरात्रि में व्रत रखना चाहती हैं तो निर्जला व्रत न रखें। निर्जला व्रत रखने पर शरीर में कमजोरी आने के साथ-साथ डिहाइड्रेशन की समस्या भी होने लगती है। जिसका आपकी सेहत और आपके शिशु पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

फलों का करें सेवन

गर्भावस्था के दौरान व्रत रखने वाली महिलाएं हर दो घंटे में फ्रूट्स या जूस का सेवन करती रहें। इसके अलावा नमकीन चीजों का भी सेवन करते रहना चाहिए। इस दौरान शरीर में सोडियम व शर्करा का संतुलन सामान्य बने रहना चाहिए।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।'

Posted By: Ekta Shrma

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