इस बार शारदीय नवरात्रि विशेष लक्ष्मी योग में चित्रा नक्षत्र में मनाई जाएगी। 7 अक्टूबर से नवरात्रि प्रारंभ होगी 8 दिन तक माता रानी की भक्ति करने वाले भक्तों पर लक्ष्मी माता धन की वर्षा करेंगी। इस बार की नवरात्रि आर्थिक दृष्टि से बहुत अच्छी रहेगी। वैसे तो माता रानी की सवारी शेर है पर नवरात्रि में उनके वाहन उनके आगमन के दिनों के अनुसार बदलते रहते हैं। हर वर्ष नवरात्रि पर मां का आगमन और प्रस्थान विशेष वाहन पर होता है। देवी दुर्गा के आने और जाने वाले हर वाहन में भविष्य के लिए विशेष संकेत छिपे होते हैं। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी शारदीय दुर्गा पूजा अंग्रेजी तिथि अनुसार 7 अक्टूबर से प्रारंभ हो रहा है। यह पर्व तिथि 15 अक्टूबर 2021 तक मनाया जाएगा। इस वर्ष एक तिथि का क्षय होने से नवरात्रि 8 दिन के ही मनाए जाएंगे। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि लक्ष्मी योग में शुरू हो रहे हैं। शारदीय नवरात्रि को लक्ष्मी योग बन रहा है लक्ष्मी योग में की गई पूजा पाठ जाप अनुष्ठान से भक्तों को धन लाभ होता है। ऐसे में शारदीय नवरात्रि में माता की पूजा उपासना करने वाले भक्तों को धन संबंधी परेशानियां दूर होंगी। 14 अक्टूबर को नवमी का पूजन रहेगा। इस वर्ष नवरात्रि 8 दिन के ही रहेंगे क्योंकि 10 अक्टूबर को चतुर्थी और पंचमी तिथि एक साथ आ रही है जिसके कारण माता रानी की स्थापना 8 दिन ही रहेगी।

देश एवं दुनिया पर यह होगा प्रभाव

स्वर्ण पदक प्राप्त ज्योतिषाचार्य डॉ पंडित गणेश शर्मा ने बताया कि इस वर्ष मां दुर्गा का आगमन डोला पर एवं प्रस्थान हाथी पर होगा। इसके फलस्वरूप संसार को अनेक समस्याओं से सामना करना पड़ सकता है। अंत में जल अधिकता का प्रभाव बना रहेगा। इस वर्ष देवी का कलश स्थापना चित्रा नक्षत्र में हो रहा है जो कि विश्व के अनुकूल नहीं होगा। देश ही नहीं पूरे विश्व में आने वाले वर्ष 2022 का समय कई परेशानियों से भरा होगा। पूरे विश्व के लिए 2022 का समय अनुकूल नहीं रहेगा।

नवरात्रे इस प्रकार रहेंगे

पहला दिन 7अक्टूबर को शैलपुत्री माता का रहेगा। दूसरा दिन 8 अक्टूबर को ब्रम्‍ह चारिणी देवी का होगा। तीसरा दिन 9 अक्टूबर को चंद्र घंटा देवी का रहेगा। चौथा दिन 10 अक्टूबर को कुष्मांडा का एवं स्कंदमाता का रहेगा। इस दिन चतुर्थी और पंचमी तिथि एक साथ रहेगी। छठा दिन कात्यायनी देवी का रहेगा जो 11 अक्टूबर को होगा। सातवां दिन 12 अक्टूबर को कालरात्रि देवी का रहेगा। अष्टमी 13 अक्टूबर को महागौरी देवी के नाम से रहेगा। नवमी 14 अक्टूबर को सिद्धिदात्री देवी के नाम से रहेगी।

माता रानी की कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त

माता रानी की स्थापना गुरुवार 7 अक्टूबर को प्रातः 6:00 बजे से 7:30 तक एवं 10:30 से 12:00 बजे तक तत्पश्चात 3:00 बजे से लेकर आपको 9:00 बजे रात्रि तक शुभ रहेगा। विशेष मूहर्त 11:45 बजे से 12:30 दोपहर तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। इस समय घट स्थापना करना सर्वश्रेष्ठ रहेगा। इस मूहर्त में ही भगवान राम के मंदिर का भूमि पूजन हुआ था।

Posted By: Navodit Saktawat