Photo Video Makar Sankranti 2021: देशभर में आज मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जा रहा है। शास्त्रों में उल्लेख है कि जब सूर्य देवता का मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो मकर संक्रांति मनाई जाती है। इस दिन स्नान तथा दान के साथ ही सूर्य देवता अर्घ्य देने का विशेष महत्व है। मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2021) के अवसर पर गुरुवार देश की परित्र नदियों पर श्रद्धालुओं का ताता लगा है। कोरोना काल में विशेष सावाधनियां बरतते हुए स्नान किया जा रहा है। वाराणसी, गोरखपुर, कोलकाता, पटना से स्नान तथा विशेष पूजा की तस्वीरें तथा वीडियो आ रहे हैं। मकर संक्रांति के दिन सूर्योदय से पूर्व उठना चाहिए। बेहतर होगा कि कोरोना काल में किसी सार्वजनिक स्थान के बजाए घर में ही स्नान किया जाए। गंगा या किसी भी पवित्र नदी का जेल बाल्टी में डाले और घर में स्नान कर लें। इसके बाद साफ सुथरे वस्त्र धारण कर पूजा करें। भगवान को तिल तथा गुड़ का भोग अवश्य लगाएं। इसके पश्चात सूर्य देवता को अर्घ्य दें। उन्हें प्रमाण करें। (नीचे देखिए तस्वीरें)

प्रयागराज : मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में संगम व गंगा के पवित्र जल में स्नान का सिलसिला भोर में आरंभ हो गया। सूर्य का मकर राशि में प्रवेश दिन में 2:03 बजे होगा, लेकिन मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए दूर-दूर से आए श्रद्धालु स्नान कड़ाके की ठंड के बीच करीब चार बजे से स्नान -दान और गोदान में जुट गए। संगम के अलावा गंगा के अक्षयवट, काली घाट, दारागंज, फाफामऊ घाट पर भी स्नान चल रहा है।

कोलकाता की तस्वीरें

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वाराणसी की तस्वीरें

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गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष पूजा की

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मध्य प्रदेश के भोपाल में बांटी गई पतंगें

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जानिए क्या है सूर्य देवता को अर्घ्य देना का सही तरीका तथा मंत्र

सूर्य देवता को अर्घ्य देने के लिए तांबा के पात्र का उपयोग करें। शुद्ध जल भलें। उनमें कुमकुम तथा अक्षत डालें। इस जल में मिश्री भी मिलाई जाती है। अपने आसन पर खड़े हों। सूर्य देवता को प्रमाण करें और धीरे-धीरे मंत्र बोलते हुए अर्घ्य दें।

सूर्य को अर्घ्य देने का मंत्र

'ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजोराशे जगत्पते।

अनुकंपये माम भक्त्या गृहणार्घ्यं दिवाकर:।।'

अन्य मंत्रों में शामिल हैं -

  • ॐ आरोग्य प्रदायकाय सूर्याय नमः।
  • ॐ हीं हीं सूर्याय नमः।
  • ॐ आदित्याय नमः।
  • ॐ घ्रणि सूर्याय नमः।

हर की पौड़ी पर उमड़े भक्त: कोरोना संक्रमण और ठंड व कोहरे पर आस्था भरी पड़ी। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर हरकी पैड़ी सहित क्षेत्र के सभी स्नान घाटों पर ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं के स्नान का क्रम शुरू हो गया। हालांकि कोविड-19 गाइडलाइन के चलते इनकी संख्या पिछले कुंभ स्नान के लिहाज से कम है पर, आस्था में कहीं कोई कमी नहीं दिखी। श्रद्धालु सुबह से ही गंगा स्नान के लिए स्नान घाटों पर पहुंचने लगे और हर हर गंगे जय मां गंगे के जय घोष के साथ मकर संक्रांति पर्व का पुण्य प्राप्त करने को गंगा में डुबकी लगा रहे हैं। हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड सहित स्नान घाटों पर स्नान के मद्देनजर कोविड-19 इन को लेकर पालन होता नजर नहीं आ रहा है | कुछेक जागरूक श्रद्धालुओं को छोड़कर आमतौर पर शारीरिक दूरी और मास्क की गाइड लाइन का भी पालन भी नहीं दिख रहा है।

Posted By: Arvind Dubey

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