मल्टीमीडिया डेस्क। नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र को श्रेष्ठ माना जाता है। इस दिन खरीदारी और दूसरे शुभ कार्य करने का महत्व है। दिपावली के पहले आने वाले पुष्य नक्षत्र को खरीदारी करना अति शुभ माना जाता है। इसलिए इस दिन बाजारों में लोगों का भारी जमावड़ा रहता है। लोग बहीखाते से लेकर सोने-चांदी तक की इस दिन खरीदारी करते हैं। पुष्य नक्षत्र यदि गुरुवार या रविवार को आए तो बहुत शुभ होता है। वैसे तो हर कार्य के लिए अलग-अलग शुभ मुहूर्त होते हैं और इन्ही मुहूर्तों में शुभ कार्य किए जाते हैं।इस बार पुष्य नक्षत्र 21 अक्टूबर सोमवार को है।

पुष्य नक्षत्र का महत्व

पुष्य नक्षत्र के देवता बृहस्पति माने जाते हैं औऱ शनि को इसका दिशा प्रतिनिधि माना जाता है। बृहस्पति को धर्म, शुभता और ज्ञान का प्रतीक माना गया है जबकि शनि को स्थायि‍त्व का। इसलिए ये दोनों मिलकर इस नक्षत्र को शुभता और स्थायीत्व प्रदान करते हैं। पुष्य नक्षत्र सभी नक्षत्रों का राजा है। यह नक्षत्र समृद्धिदायक और शुभ फलकारक है। ऋगवेद में पुष्य नक्षत्र को मंगलकारक माना गया है।

पुष्य नक्षत्र में खरीदारी होती है शुभ

मान्यता है कि पुष्य नक्षत्र में की गई खरीदारी शुभ होती है और जितनी राशि की खरीदारी की जाती है वह अगले पुष्य नक्षत्र तक प्राप्त हो जाती है। इसलिए यह नक्षत्र खरीदारी के लिए विशेष मुहूर्त माना जाता है। इस नक्षत्र में खरीदी गई कोई भी वस्तु अधिक समय तक उपयोगी, शुभ फल और अक्षय फल देने वाली होती है। पुष्य नक्षत्र में सोने की खरीदी का ज्यादा महत्व है। इस दिन सोने की खरीदी के घर में बरकत आती है।

.पुष्य नक्षत्र आरोग्य प्रदान करने वाला माना गया है। इसलिए इस दिन सेहत को बेहतर करने के लिए किए गए उपायों के काफी सकारात्मक फल प्राप्त होते हैं। शारीरिक कष्टों के निवारण के लिए यह मुहूर्त अतिशुभ होता है। दीपावली के पहले आने वाले पुष्य नक्षत्र का खास महत्व होता है। इस दिन शुभ मुहूर्त में की गई खरीदारी शुभ फल प्रदान करती है।

खरीदी के मुहूर्त

लाभ - शाम 4 बजकर 33 मिनट से 5 बजकर 59 मिनट तक

शुभ - रात को 7 बजकर 33 मिनट से 9 बजकर 5 मिनट तक

21 अक्टूबर को लग्न के अनुसार मुहूर्त

मेष लग्न - शाम 5 बजकर 47 मिनट से 7 बजकर 29 मिनट तक

वृषभ लग्न - रात 7बजकर 29 मिनट से 9 बजकर 28 मिनट तक

धनु लग्न - सुबह 10 बजकर 44 मिनट से 12 बजकर 50 मिनट तक

कुंभ लग्न - दोपहर 2 बजकर 42 मिनट से शाम 4 बजकर 16 मिनट तक

Posted By: Yogendra Sharma