Pushya Nakshatra 2021। दशहरा पर्व से ही लोग धनतेरस और दीपावली त्योहार की तैयारी शुरु कर देते हैं। ऐसे में यदि आप धनतेरस पर खरीदारी का मन बना चुके हैं हैं तो ऐसे लोगों के लिए आज 28 अक्टूबर का दिन बेहद खास हो सकता है। आज पुष्य नक्षत्र होगा और गुरु शनि की दुर्लभ युति होगी। ज्योतिषियों का मानना है कि गुरु पुष्य नक्षत्र पर ग्रहों की ऐसी स्थिति 677 वर्ष बाद निर्मित हो रही है। अमृत ​​सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग इस समय को और शुभ बना देंगे।

पुष्य नक्षत्र में नई चीज खरीदना शुभ

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक कार्तिक कृष्ण पक्ष को आने वाले पुष्य नक्षत्र में दीपावली से पहले नई चीजें खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि घर में नई चीजें लाने से सुख-समृद्धि आती है। पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि देव को माना जाता है और मान्यता है कि शनि के नक्षत्र में मिलने वाले शुभ फल लंबे समय तक बने रहते हैं। शनि-बृहस्पति की मकर राशि में पुष्य नक्षत्र पर ऐसी युति 677 साल पहले 5 नवंबर, 1344 को हुई थी। इसलिए इसे महासंयोग माना जा रहा है।

महासंयोग के साथ गजकेसरी योग भी बनेगा

ज्योतिष विज्ञान के मुताबिक इस साल गुरु शनि के साथ मकर राशि में विराजमान है। दोनों ग्रहों की चाल सीधी है और इन ग्रहों पर चंद्रमा की दृष्टि भी होगी, जिससे गजकेसरी योग भी बनेगा। चंद्रमा धन का कारक है और गुरु के साथ इसकी युति से बना गजकेसरी योग लोगों के लिए भाग्य लाता है।

निवेश करना हो सकता है ज्यादा फायदेमंद

इस महासंयोग के शुभ अवसर पर निवेश करना बहुत फायदेमंद हो सकता है। आपको लंबे समय तक इसका लाभ मिलेगा। बृहस्पति और शनि के बीच भी कोई दुश्मनी नहीं है, इसलिए गुरुवार को पुष्य नक्षत्र अपनी शुभता में वृद्धि करेगा। घर, मकान, जमीन या जीवन बीमा जैसी पॉलिसी में निवेश करने से पहले अपने विशेषज्ञों से सलाह जरूर लेना चाहिए।

पुष्य नक्षत्र में क्या खरीदें?

पुष्य नक्षत्र पर लोग अपनी जरूरत के अनुसार चीजें खरीदते हैं लेकिन आप घर में नए कपड़े, अनाज, जूते या कोई जरूरी सामान खरीद सकते हैं। साथ ही दान करना भी शुभ होता है। गौशाला में हरी घास भी दान कर सकते हैं। भगवान शिव को प्रसन्न करना सौभाग्य लेकर आ सकता है।

पुष्य नक्षत्र की खरीद का उत्तम समय 25 घंटे 57 मिनट रहेगा

सुख-समृद्धि के पर्व दीपावली से छह दिन पूर्व पुष्य नक्षत्र की खरीदारी का शुभ मुहूर्त गुरुवार और शुक्रवार को 25 घंटे 57 मिनट होगा। खरीद के महामुहूर्त पर बन रही सर्वार्थ-अमृत सिद्धि से रवि योग की त्रिवेणी ने इसे और खास बना दिया है। ज्योतिषियों के अनुसार इस महामुहूर्त में सोने के आभूषण, भूमि-भवन, वाहन सहित सभी प्रकार की खरीदारी शुभ रहेगी। इस दौरान नए कार्य का शुभारंभ स्थायी परिणाम देगा।

ज्योतिषी राजेश चौबे के अनुसार इस दिन सोना-चांदी और भूमि-निर्माण की खरीदारी विशेष रूप से लाभदायक मानी जाती है। पुष्य नक्षत्र कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि गुरुवार 28 अक्टूबर को प्रातः 9.41 बजे से प्रारंभ होगा. पुष्य नक्षत्र 29 अक्टूबर शुक्रवार को सुबह 11.38 बजे तक रहेगा। 28 तारीख को रवि योग सुबह 9.30 बजे तक रहेगा और सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग भी रहेगा। धनतेरस 2 नवंबर और 4 अक्टूबर को दिवाली होगी।

देवी महालक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त करें

ज्योतिषी देवेंद्र कुशवाहा के अनुसार 27 नक्षत्रों में से एक पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा गया है। यदि यह नक्षत्र गुरुवार के दिन आए तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। यह सबसे अच्छे शुभ योगों में से एक माना जाता है। इस दिन जो लोग नई वस्तुओं, जमीन-मकानों, वाहनों, सोने के आभूषणों के अलावा नया कारोबार शुरू करते हैं। उन पर देवी महालक्ष्मी की विशेष कृपा होती है।

गुरु पुष्य की युति में कौन-सा चौघड़िया रहेगा?

- चर: सुबह 10.45 बजे से दोपहर 12.10 बजे तक

- लाभ : दोपहर 12.11 बजे से दोपहर 1.36 बजे तक

-अमृत : दोपहर 1.37 बजे से दोपहर 3.01 बजे तक

- शुभ : शाम 4.26 बजे से शाम 5.51 बजे तक

-अमृत : शाम 5.52 बजे से शाम 7.26 बजे तक

-चार: शाम 7.27 बजे से रात 9.01 बजे तक

शुक्र पुष्य पर चौघड़िया वार मुहूर्त

-चार: सुबह 6.30 से 7.55 बजे तक।

-मुनाफा: सुबह 7.55 से 9.20 बजे तक।

अमृत ​​: सुबह 9.21 से 10.45 बजे तक।

शुभ: दोपहर 12.10 बजे से 1.35 बजे तक।

-चार: शाम 4.26 से शाम 5.51 बजे तक।

Posted By: Sandeep Chourey