इस साल श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि 11 अगस्त को सुबह 10:33 बजे प्रारंभ होगी और 12 अगस्त 2022 को सुबह 07:02 बजे समाप्त होगी। इस वर्ष इस त्योहार की तारीख को लेकर काफी भ्रम है, जहां कुछ लोगों का मानना ​​है कि रक्षा बंधन गुरुवार, 11 अगस्त को पड़ेगा, वहीं अन्य का दावा है कि यह शुक्रवार, 12 अगस्त को मनाया जाएगा। इसलिए हमने आपकी मदद करने और इस भ्रम को दूर करने के बारे में सोचा है। इस वर्ष सावन पूर्णिमा या सावन पूर्णिमा 11 अगस्त को पड़ रही है। हिन्दू पंचांग का कहना है कि पूर्णिमा तिथि 11 अगस्त को सुबह 10:33 बजे शुरू होगी और 12 अगस्त 2022 को सुबह 07:02 बजे समाप्त होगी, हालांकि, भद्रा भी लग रही है। 11 अगस्त को पूरे दिन भद्रा व्याप्त है परंतु सीहोर के पण्डित गणेश शर्मा के अनुसार भद्रा मकर राशि में होने से इसका वास पाताल लोक में माना गया है, इसलिए भद्रा का असर नहीं होगा। मेष, वृष, मिथुन, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु या मकर राशि के चन्द्रमा में भद्रा पड़ रही है तो वह शुभ फल प्रदान करने वाली होती है अत: स्पष्ट है कि रक्षा बंधन का त्योहार आज ही मनाया जाना चाहिए।

रक्षाबंधन पर रहेगा भद्रा का साया परन्तु है पाताल में वास

ज्योतिषाचार्य डॉ पंडित गणेश शर्मा ने बताया कि इस वर्ष रक्षाबंधन का पर्व भद्रा के साथ मनाया जाएगा 11 अगस्त यानि रक्षाबंधन के दिन शाम 5:17 बजे से भद्रा छाया रहेगी, भद्रा की छाया 5:17 से 6:18 तक रहेगी। इसके बाद शाम 6:18 से 8-20 बजे तक मुख भद्रा होगी। इस दिन रात 8:51 बजे भद्रा की छाया पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। शास्त्रों के अनुसार गुरुवार को चन्द्रमा मकर राशि में रहेंगे और भद्रा का वास पाताल लोक में होने के कारण भद्रा परिहार हो जाता हैं लेकिन गुरुवार शाम 6-18 से 8-20 तक भद्रा का मुख काल होगा जिसे हर शुभ कार्य के लिए त्याग करना चाहिए।

रक्षाबंधन पर राखी बांधने के मुहूर्त

रक्षाबंधन पर राखी बांधने के कई अबूझ मुहूर्त रहेंगे. इस दिन सुबह 11 बजकर 37 मिनट से 12 बजकर 29 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त होगा। फिर दोपहर 02 बजकर 14 मिनट से 03 बजकर 07 मिनट तक विजय मुहूर्त रहेगा. इस दौरान आप कोई भी शुभ मुहूर्त देखकर भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं।

Posted By: Navodit Saktawat

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