Sawan Maas 2020: सावन मास भगवान भोलोनाथ का प्रिय मास है और इस महीने महादेव की आराधना करने से उत्तम फल की प्राप्ति होती है। सावन मास में भक्त शिवालयों में शिवलिंग पर जलाभिषेक के साथ विभिन्न शिवप्रिय पदार्थों को अर्पित करते हैं। कैलाशपति शिव अपने भक्त की उपासना से प्रसन्न होकर उसको सुख-समृद्धि और मोक्ष का वरदान प्रदान करते हैं।

भोलेनाथ को जंगली और जहरीले पदार्थों से आसक्ति है। इसलिए उनको भांग-धतूरा, बिल्वपत्र, बिल्वफल आदि समर्पित किए जाते हैं, लेकिन भोलोनाथ की आराधना में कुछ सावधानी भी बरतना जरूरी है। सावन मास में कुछ बातों का ख्याल रखकर शिवकृपा को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

इन खाद्य पदार्थों का करें त्याग

सावन मास में खान-पान को लेकर विशेष सावधानी रखना पड़ती है। इसके अंतर्गत तामसिक भोजन का त्याग करना चाहिए। अर्थात इस मास में मांस, मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके साथ प्याज, लहसुन, हरी सब्जियों और बैंगन को भी इस मास में नहीं खाना चाहिए। बैंगन को अशुद्ध सब्जी माना जाता है। इसलिए लोग द्वादशी और चतुर्दशी तिथि पर इसका सेवन नहीं करते हैं।

सावन मास में शिवलिंग के दूग्धाभिषेक का भी खास महत्व है इसलिए इसलिए इस मास में दूध के सेवन का भी निषेध बतलाया गया है। इसका एक कारण यह भी है कि इस समय जानवर हरा चारा खाते हैं जिसमें अशुद्धि हो सकती है, ऐसे जानवरों के दूध का सेवन करने से बीमार होने का खतरा रहता है।

शिवलिंग पर न चढ़ाएं हल्दी

शिवलिंग पर जलाभिषेक के बाद अबीर, गुलाल, कुमकुम, आदि चढ़ाए जाने का प्रावधान है, लेकिन शिवलिंग पर हल्दी अर्पित नहीं की जाती है। हल्दी को जलाधारी पर चढ़ाया जाता है। सावन मास में शरीर के साथ मन की शुद्धि होना भी जरूरी है इसलिए मन में बुरे विचार नहीं लाना चाहिए इनका त्याग कर देना चाहिए। ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए और माता-पिता, गुरु, जीवनसाथी और बुजुर्गों का अपमान नहीं करना चाहिए।

Posted By: Yogendra Sharma

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