Shadi Ke Upay । विवाह का सीजन शुरू हो चुका है और हर जगह मांगलिक कार्यक्रम देखने को मिल रहे हैं, लेकिन फिर भी कई लोग ऐसे हैं, जिनको योग्य वर-वधु नहीं मिल रहे है, किसी ना किसी कारण विवाह में बाधा आ जाती है या फिर किसी कारणवश विवाह में देरी हो रही है तो ये ज्योतिष के उपाय आपकी मदद कर सकते हैं, ये उपाय विवाह संबंधित अड़चन को खत्म करते हैं और घर में जल्द ही मंगल कार्य संपन्न होता है। आइए जानते हैं उन उपाय के बारे में -

इन देवताओं की पूजा से मिलता है आशीर्वाद

विवाह के इच्छुक युवक-युवतियां हर रोज मंदिर जाकर शिव-पार्वती की पूजा करें, ऐसा करने से विवाह में हो रही देरी के ग्रह दूर होते हैं, शिव पुराण के अनुसार, भगवान शिव ने माता पार्वती की तपस्या से प्रसन्न होकर ही पत्नी रूप में स्वीकार किया था, इसलिए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से विवाह में आ रही अड़चन दूर होती है।

कुंवारी कन्याएं रखें ये व्रत

कुंवारी कन्याओं को भगवान शिव जैसा पति प्राप्त करने के लिए 16 सोमवार का व्रत रखकर लाभ प्राप्त कर सकती हैं। यह व्रत आप सावन के पहले सोमवार से शुरू कर सकते हैं, ध्यान रखें कि शिवजी की पूजा में गंगाजल और भस्म अर्पण का विशेष महत्व बताया गया है, इनकी कृपा से विवाह में कोई परेशानी नहीं आती है।

ऐसे बनते हैं विवाह के योग

कुंडली में सप्तमेश विवाह का भाव है, जब पंचम भाव के स्वामी चंद्र देव स्थित हो और सप्तम भाव के स्वामी सप्तम भाव में स्थित हैं तो विवाह के योग बनते हैं, इसलिए सप्तमेश की पूजा करना युवक-युवतियों के लिए बहुत जरूरी है, इससे विवाह के योग शीघ्र बनते हैं और हर परेशानी खत्म होती है।

इन रत्नों को करें धारण

घर में जल्द से जल्द मंगल कार्य शुरू हो जाएं इसके लिए आप ओपल रत्न धारण करें। इस रत्न को धारण करने से विवाह की समस्याएं खत्म होती हैं और जिनको लव मैरिज करनी हो, उनके लिए भी यह रत्न काफी कारगर सिद्ध होगा। इससे शुक्र ग्रह मजबूत होता है और शुक्र को प्रेम व विवाह का ग्रह माना गया है। ऐसा करने से विवाह के योग जल्द बनते हैं।

गुरुवार के दिन रखें उपवास

जिन लोगों के विवाह में कोई न कोई समस्या बनी रहती है तो उनको गुरुवार का व्रत करना चाहिए। इसके लिए पीले वस्त्र धारण करें और पीले फूल, चने की दाल और चंदन से भगवान विष्णु की पूजा करें। इस दिन केले के पेड़ की भी पूजा करें। ऐसा करने से विवाह की समस्याएं धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।'

Posted By: Sandeep Chourey

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