मल्टीमीडिया डेस्क। मानव जीवन जन्म और मृत्यु के बीच के चक्र में घूमता रहता है। किसी इंसान ने यदि जन्म लिया है तो उसकी मृत्यु भी निश्चित है। मानव अपने जीवन और मोक्ष के बीच की यात्रा के दौरान जिंदगाी के कई पहलूओं को देखता है और अंत में ब्रह्मांड की अनन्त गहराईयों में विलिन हो जाता है। मनुष्य की मृत्यु से पहले कुछ खास संकेत दिखाई देते हैं। भगवान शिव ने कुछ ऐसे संकेतों को बताया है जो मानव के अंतिम क्षणों से पहले दिखाई देते हैं।

सांसें देती है मृत्यु के संकेत

जिस व्यक्ति की मृत्यु निकट होती है उसको अपना चेहरा दर्पण में दिखाई नहीं देता है और किसी ओर का चेहरा होने का भ्रम होता है। चांद, सूरज और आग की रोशनी न देख पाने वाला व्यक्ति भी ज्यादा दिनों तक नहीं जी पाता है। पानी, तेल या दर्पण में परछाई दिखाई ना दे या विकृत दिखाई दे तो ऐसा इंसान सिर्फ छह महीने तक जी पाता है। श्वांस यदि बहुत धीमे चल रहा है तो मृत्यु दो-तीन दिनों में हो सकती है।

यदि कोई व्यक्ति सिर्फ दाहिनी नासिका से श्वांस ले पा रहा है तो यह गंभीर रूप से अस्वस्थ होने की सूचक है। ऐसे व्यक्ति की मृत्यु आने वाले तीन साल में हो सकती है। यदि दक्षिणी सांस लगातार दो-तीन दिन तक चलता रहे तो ऐसा व्यक्ति सिर्फ एक साल जी पाता है।

यदि दोनों नथुनों से 10 दिन तक लगातार ऊंचा सांस चल रहा है तो वह व्यक्ति तीन दिन में दम तोड़ देता है। यदि सांस नाक को छोड़कर सिर्फ मुंह से चलने लगे तो आने वाले दो दिनों में उसकी मृत्यु हो सकती है। जिस व्यक्ति के मल, मूत्र और वीर्य और छींक एकसाथ गिरते हैं। उसकी उम्र का केवल एक साल बचा हुआ समझना चाहिए। जिस व्यक्ति के वीर्य, नख और नेत्रों का कोना नीले या काले हो जाएं तो ऐसा मनुष्य छह से एक साल के बीच मृत्यु को प्राप्त हो जाता है।

दर्द का अहसास देता है कितनी बाकी है जिंदगी

यदि किसी व्यक्ति का शरीर अचानक पीला या सफेद पड़ जाए और ऊपर से कुछ लाल दिखाई देने लगे तो ऐसे इंसान की मृत्यु छह माह में होने की संभावना है। जिस व्यक्ति को रंगों की समझ ना रहे और स्वाद का भी पता ना चले तो ऐसे व्यक्ति की मौत आगामी छह माह में हो सकती है। यदि किसी व्यक्ति की मुंह, जीभ, कान, आंखें, नाक पथरा जाए तो समझ लेना चाहिए ऐसे इंसान की मृत्यु छह माह बाद हो सकती है।

जिस व्यक्ति की जीभ फूल जाए, दांतों से मवाद निकलने लगे और सेहत ज्यादा खराब हो तो ऐसे व्यक्ति की मौत भी छह माह में हो सकती है। यदि इंसान के शरीर पर काली, लाल और नीली रेखाएं उभर आए तो उन मानव के जीनव पर मौत का खतरा मंडराने लगता है। यदि व्यक्ति अपने केश और रोम पकड़कर खींचे और दर्द न हो तो उसको अपनी आयु पूर्ण मान लेना चाहिए। कान बंद करने पर आवाज सुनाई ना दे, शरीर में अचानत मोटापे या दुबले होने के लक्षण दिखाई दे तो एक माह में मृत्यु हो सकती है।

कुत्ता भी बताता है मौत नजदीक है

मृत्यु के तीन-चार दिन पहले व्यक्ति को अपने आसपास किसी साए के होने का अहसास होता है। यह भी माना जाता है की व्यक्ति को अपने पूर्वजों के साथ का अहसास होता है। इस तरह का अहसास मृत्यु का सूचक है। यदि व्यक्ति अपनी नाक की नोक नही देख पाता है उसकी मृत्यु भी निकट होती है। यदि व्यक्ति के नीले रंग की मक्खियां घेरने लगे और ज्यादातर समय उसके पास रहे तो मान लेना चाहिए की मृत्यु निकट है और सिर्फ एक महीना बचा है। बांया हाथ एक सप्ताह तक फड़कता रहे तो समझ लेना चाहिए की मृत्यु निकट है। कु्त्ता घर से निकलने पर लगातार तीन-चार दिनों तक पीछे चलने लगे यह भी मृत्यु के संकेत है।

Posted By: Yogendra Sharma