इस महीने सोम प्रदोष व्रत 5 तारीख को रहेगा। इस दिन भगवान शिव के पूजा-पाठ का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। यह व्रत दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। व्रत में भगवान शिव की पूजा शाम के समय सूर्यास्त से 45 मिनट पूर्व और सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक की जाती है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। शास्त्रों में प्रदोष व्रत को सर्वसुख प्रदान करने के अलावा परम कल्याणकारी व्रत बताया गया है।

सोम प्रदोष व्रत के लाभ

- सोम प्रदोष व्रत करने से भगवान शिव की पूर्ण कृपा प्राप्त की जा सकती है इससे जीवन में किसी प्रकार का अभाव नहीं रह जाता है।

- धन की कमी को खत्म करने के लिए प्रदोष व्रत अवश्य करना चाहिए।

- प्रदोष व्रत के प्रभाव से हर तरह के रोग दूर हो जाते हैं बीमारियों पर होने वाले खर्च में कमी आती है।

- अविवाहित युवक-युवतियों को प्रदोष व्रत अवश्य करना चाहिए इससे उन्हें योग्य वर-वधू की प्राप्ति होती है।

प्रदोष व्रत में शिव पूजा से जमीन के मामले में होता है लाभ

भगवान शिव की पूजा से जमीन जायदाद की समस्या बहुत आसानी से खत्म किया जा सकता है। इसके लिए सुबह के समय जल्दी उठे और हल्के लाल या गुलाबी वस्त्र धारण करें। चांदी या तांबे के लोटे से शुद्ध शहद एक धारा के साथ शिवलिंग पर अर्पण करें। उसके बाद शुद्ध जल की धारा से अभिषेक करें तथा ॐ सर्वसिद्धि प्रदाये नमः मन्त्र का 108 बार जाप करें। अपनी समस्या के लिए भगवान शिव से प्रार्थना करें। कुछ ही समय में भगवान शिव की कृपा से जमीन जायदाद की समस्या खत्म होगी।

सोम प्रदोष व्रत पर करें वैवाहिक जीवन को सुखद करने के उपाय

यदि सप्तम भाव मे पापी ग्रहों जैसे राहु मंगल शनि केतु के कारण आपके दाम्पत्य जीवन मे खटास आ गई है तो यह उपाय जरूर करें। 27 लाल गुलाब के फूल चन्दन के इत्र के साथ शाम के समय पति पत्नी दोनों मिलकर भगवान शिव को नमः शिवाय 27 बार ही बोलकर अर्पण करें। ऐसा करने से दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी जब कार्य सिद्ध हो जाये तो केले के दो पौधे मन्दिर में लगायें। ऐसा करने से कुछ ही समय में आपके दांपत्य जीवन की खटास कम होने लगेगी।

डिसक्लेमर

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Posted By: Navodit Saktawat

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