Som Pradosh Vrat 2021: अगर आप भी अपने जीवन से तमाम प्रकार की समस्याओं का निवारण चाहते हैं तो 07 जून सोमवार को इस प्रदोष व्रत का विधि विधान से पूजा अर्चना कर लें। जी हां इस बार प्रदोष व्रत 07 जून को सोमवार तिथि को पड़ रही है। यही वजह है कि इस प्रदोष व्रत को सोम प्रदोष कहते हैं। इस खास दिन अगर आप पूजा पाठ करते हैं तो धन की समस्या दूर होने के साथ-साथ जीवन में चल रही तमाम प्रकार की बधाएं भी दूर होगीं। चलिए जानते हैं कि इस दिन क्या-क्या उपाय करें कि जीवन से समस्याओं का निवारण हो सके। माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा अर्चना का विशेष दिन प्रदोष व्रत को माना जाता है। हिन्दू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। प्रत्येक माह के दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत के रूप में मनाया जाता है। ये दिन उनके लिए बेहद ही खास होता है जिनकी कुंडली में शनि की छाया हो। इस दिन अगर वे व्यक्ति भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना कर लें तो कुंडली में शनि दोष का प्रभाव भी कम हो जाता है।

इन उपायों से होगी जीवन की बाधाएं दूर

भगवान शिव और माता पार्वती जी की पूजा पाठ करने का प्रदोष व्रत का दिन विशेष माना जाता है। इस दिन अगर आप दूध में गुड़ मिलाकर भगवान शिव का जल अभिषेक करते हैं तो आपके घर में माता लक्ष्मी का वास होगा और जीवन से आर्थिक समस्या खत्म होगी।

इस खास दिन अगर आप शाम के समय भगवान शिव की आराधना करते हैं तो आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। वहीं विधि-विधान से व्रत को पूरा करने से जीवन में अशुभ प्रभावों का अंत होगा। इस खास दिन अगर आप मूंगा धारण करते हैं तो यह आपके लिए काफी उत्तम साबित होगा।

जो भी व्यक्ति किसी विशेष बीमारी से पीड़ित है तो उसे इस व्रत को करना चाहिए एवं इस दिन महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए। ऐसा करने से उसके जीवन में चल रही सारी बाधाएं दूर होगीं। एवं उसकी बीमारी का भी अंत होगा।

परिवार की भलाई व परिवार के समस्त प्रकार के कष्टों को दूर करने के लिए प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव पर कच्चे दूध का अभिषेक करें साथ ही इस दिन शिव महिम्न स्तोत्र का जाप करें। ऐसा करने से शुभ फल की प्राप्ति होगी।

प्रदोष व्रत के लिए शुभ मुहूर्त

07 जून सुबह 08ः47 बजे सोम प्रदोष व्रत का प्रारंभ होगा। और इसका समापन की अगर बात करें तो 08 जून रात्रि 11ः24 बजे इसका समापन होगा। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सोमवार 07 जून शाम 07ः17 बजे से रात्रि 09ः18 बजे तक रहेगा।

सोम प्रदोष व्रत का क्या है महत्व

जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा का बुरा प्रभाव हो अगर वह पूर्ण निष्ठा और नियम पूर्वक इस व्रत को करते हैं तो उनके जीवन में इसका बुरा प्रभाव खत्म होगा। इसके अलावा जो संतान प्राप्ति के लिए कामना करते हैं उन्हें भी इस व्रत को करने से लाभ प्राप्त होगा।

Posted By: Arvind Dubey

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