Surya Grahan 2019: साल का आखिरी सूर्यग्रहण गुरुवार को रहा। यह सूर्यग्रहण है जो पूर्ण नहीं बल्कि खंडग्रास सूर्यग्रहण रहा। देश के दक्षिणी हिस्से कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में यह सूर्यग्रहण वलयाकार आकृति में दिखाई दिया, जबकि शेष बचे देश में सूर्य ग्रहण आंशिक रूप से दिखाई दिया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण के दौरान कई तरह की सावधानियां बरती जाना चाहिए। खासतौर पर गर्भवती महिलाओं के लिए सख्त नियम बताए गए हैं।

सूर्य ग्रहण के सूतक काल से ही खाने-पीने से लेकर पूजा पाठ तक का निषेध रहता है। इस दौरान गर्भवती महिलाओं और बच्चों के संबंध में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है। गर्भवती महिलाएं इस दौरान सूर्य को न देखें, ना ही घर से बाहर निकले। क्योंकि इस दौरान सूर्य से निकलने वाली नकारात्मक विकिरणों का असर कोख में पल रहे शिशु पर हो सकता है। ग्रहण काल में जपे गए मंत्र का फल कई गुना मिलता है। इस दौरान खाने-पीने और सोने की मनाही रहती है, लेकिन बच्चे, वृद्ध और बीमार इस दौरान आहार ले सकते हैं। वृद्ध लोगों को खाना-पीना दिया जा सकता है.

ज्योतिष के अनुसार होगा खग्रास सूर्यग्रहण

ज्योतिष के अनुसार खग्रास सूर्यग्रहण 26 दिसंबर को सुबह 8 बजे से प्रारंभ होगा और इसका परम ग्रास सुबह 10 बजकर 48 मिनट तक रहेगा और ग्रहण की समाप्ति 1 बजकर 36 मिनट पर होगी। ग्रहण का आकार भारत मे कंकड़ाकृति यानी अंगूठी के आकार का होगा। ग्रहण का सूतक 8 बजे से प्रारंभ हो गया है। ग्रहण के दौरान मंत्र जाप शुभ फलदायी होता है।

Posted By: Yogendra Sharma