Vishwakarma Jayanti 2022: भगवान विश्वकर्मा जयंती इस वर्ष 17 सितंबर को मनाई जाएगी। इस त्योहार को विश्वकर्मा पूजा भी कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार वास्तुशिल्प के रचनाकार का जन्म इसी दिन हुआ था। विश्वकर्मा जयंती पर भगवान की पूजा-अर्चना की जाती है। प्रभु विश्वकर्मा दुनिया के पहले इंजीनियर है। उन्होंने देवी-देवताओं के लिए अस्त्र-शस्त्र से लेकर भव्य भवन का निर्माण किया था। मान्यताओं के अनुसार विश्वकर्मा ने इंद्रलोक, द्वारिका नगरी, स्वर्गलोक, हस्तिनापुर, लंका, पुष्पक विमान, विष्णु चक्र, त्रिशूल आदि का निर्माण किया है। विश्वकर्मा दिवस 2022 में एक अवकाश है। यह पर्व मुख्‍य रूप से राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में मनाया जाता है।

Vishwakarma Puja 2022 in India: भगवान विश्वकर्मा की पूजा विधि

भगवान विश्वकर्मा की पूजा से सुख और समृद्धि में वृद्धि होती है। ऐसे में जयंती के दिन इंजीनियर, शिल्पकार, बुनकर आदि को विधि-विधान से विश्वकर्मा जी की पूजा करनी चाहिए। सुबह जल्द उठकर स्नान कर औजारों, मशीन आदि की सफाई करें। फिर भगवान की प्रतिमा की पूजा करें और पुष्प, फल, प्रसाद अर्पित करना चाहिए। साथ ही मंत्र (ऊं विश्वकर्मणे नमः) का जप जरूर करना चाहिए। भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से व्यापार में वृद्धि होती है।

Vishwakarma Puja 2022 in India: भगवान विश्वकर्मा जयंती का महत्व

विश्वकर्मा पूजा वाले दिन औजारों और मशीनों की पूजा करना चाहिए। वह भगवान विश्वकर्मा से निवेदन करना चाहिए कि हमारी मशीनें बिना किसी रुकावट के निरंतर चलती रहें। विश्वकर्मा जयंती विश्वकर्मा, एक हिंदू देवता, दिव्य वास्तुकार के लिए उत्सव का दिन है। उन्हें स्वयंभू और दुनिया का निर्माता माना जाता है। उन्होंने द्वारका के पवित्र शहर का निर्माण किया जहां कृष्ण ने शासन किया, पांडवों के लिए इंद्रप्रस्थ का महल, और देवताओं के लिए कई शानदार हथियारों का के निर्माता थे।

Vishwakarma Puja 2022 in India: भगवान विश्वकर्मा जयंती पर यह करें

इस दिन मांस और शराब का सेवन न करें। इस दिन तामसिक भोजन यानी मांस और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही अपने व्यापार और रोजगार को बढ़ाने के लिए इस दिन गरीब और असहाय लोगों को दान देना चाहिए। रोजमर्रा की चीजों का सम्मान भगवान विश्वकर्मा को देवताओं का वास्तुकार माना जाता है।

Posted By: Navodit Saktawat

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