Vrat Tyohar List : हिंदू धर्म के कई प्रमुख त्योहार दिसंबर माह में मनाए जाते हैं। हिंदू पंचांग के मुताबिक दिसंबर माह में ही हिंदू माह मार्गशीर्ष आता है और इस साल मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के साथ नए सप्ताह की शुरुआत हो चुकी है। हिंदू पंचांग पंचांग के अनुसार दिसंबर माह के दूसरे सप्ताह के पहले दिन ही सोम प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। इसके साथ ही इस सप्ताह का अंत संकष्टी चतुर्थी के साथ हो रहा है। आइए जानते हैं दिसंबर माह के दूसरे माह में प्रमुख व्रत त्योहार की लिस्ट -

5 दिसंबर 2022, सोमवार- प्रदोष व्रत (शुक्ल)

हिंदू पंचांग के अनुसार मास में दो बार प्रदोष पड़ता है, जिसमें पहला कृष्ण पक्ष में और दूसरा शुक्ल पक्ष मं। शुक्ल पक्ष में पड़ने वाले संकष्टी चतुर्थी को विनायक गणेश चतुर्थी भी कहा जाता है। मार्गशीर्ष के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को पड़ने वाली गणेश चतुर्थी को अखुरथ संकष्टी चतुर्थी भी कहते हैं। संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश की विधिवत पूजा करने का विधान है।

6 दिसंबर 2022, मंगलवार - कार्तिगाई दीपम्

कार्तिगई दीपम दक्षिण भारत में मनाया जाने वाला एक प्रमुख हिंदू त्योहार है। तमिल सौर कैलेंडर के आधार पर इस त्योहार की तिथि तय की जाती है। तमिल कैलेंडर के मुताबिक यह पर्व कार्तिकई माह में आता है। इस पर्व को तमिलनाडु और केरल के लोग दीपावली के समान ही उत्साह के साथ मनाते हैं।

मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत, अन्नपूर्णा जयंती, रोहिणी नक्षत्र

दिसंबर माह में 8 दिसंबर को तीन प्रमुख त्योहार मनाए जाएंगे। इस दिन मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत, अन्नपूर्णा जयंती, रोहिणी नक्षत्र है। हिंदू धर्म में मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा तिथि के दिन स्नान-दान का काफी महत्व है। इस पूर्णिमा को अगहन पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस दिन दान करने से 32 गुना अधिक पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। वहीं मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को अन्नपूर्णा जयंती के रुप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस तिथि को ही मां अन्नपूर्णा प्रकट हुई थीं। वहीं जैन समुदाय के लिए रोहिणी नक्षत्र एक महत्वपूर्ण दिनों में से एक है। 27 नक्षत्रों में से एक को रोहिणी व्रत कहा जाता है। इस व्रत को महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए करती हैं।

11 दिसंबर 2022 को संकष्टी चतुर्थी

हिंदू पंचांग के मुताबिक हर माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है, जबकि शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहा जाता है। इस दिन भगवान गणेश की विधिवत पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

Posted By: Sandeep Chourey

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