मल्टीमीडिया डेस्क। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर के गौरवशाली क्रिकेट करियर के बारे में बच्चा-बच्चा जानता है लेकिन यह बात बहुत कम लोगों को मालूम होगी कि उनका करियर चमकना कैसे शुरू हुआ। वास्तव में आज से ठीक 25 साल पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड में दूसरे वनडे में भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन ने एक ऐसा कदम उठाया जिससे सचिन के क्रिकेट की दशा और दिशा बदल गई।

27 मार्च 1994 को हुए इस मैच में नियमित सलामी बल्लेबाज नवजोत सिंह सिद्धू की गर्दन अकड़ गई थी और इसके चलते अजहर ने इस मैच में सचिन को पारी की शुरुआत करने को भेजा। सचिन ने इस मैच में धमाकेदार अंदाज में बल्लेबाजी कर 49 गेंदों में 82 रन बना डाले। उन्होंने इस दौरान 15 चौके और 2 छक्के लगाए और भारत को इस मैच में आसानी से 7 विकेट से जीत दिलाई। टीम इंडिया ने इस जीत से सीरीज में बराबरी की और सचिन ने इसके बाद पलटकर नहीं देखा।

भारत को वनडे में एक जबर्दस्त ओपनर मिल गया और सचिन ने भी नया मुकाम हासिल कर लिया। सलामी बल्लेबाज के रूप में उनका कितना दबदबा रहा इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 344 वनडे मैचों में ओपनर के रूप में 48.29 की औसत से 15310 रन बना डाले। वनडे में उनके रिकॉर्ड 49 शतकों में से 45 शतक पारी की शुरुआत करते हुए बने। अन्य क्रमों पर बल्लेबाजी करते हुए वे 119 मैचों में 33 की औसत से 3116 रन ही बना पाए।

सचिन का दबदबा :

सचिन का इंटरनेशनल वनडे क्रिकेट में किस कदर दबदबा रहा इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने ओपनिंग करते हुए जितने रन बनाए, उतने रन कोई अन्य क्रिकेटर अपने पूरे जीवन में भी नहीं बना पाया। वनडे में सबसे ज्यादा रनों का रिकॉर्ड सचिन (18426) के नाम पर है। कुमार संगकारा 404 मैचों में 14234 रनों के साथ इस लिस्ट में दूसरे और रिकी पोंटिंग 375 मैचों में 13704 रनों के साथ तीसरे क्रम पर है। ये दोनों सचिन द्वारा पारी की शुरुआत कर बनाए गए 15310 रनों के आंकड़े को पार नहीं कर पाए।


Posted By: