T20 World Cup : टी-20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन की वजहें धीरे-धीरे सामने आने लगी हैं। जैसे किसी बड़ी घटना के पीछे कई वजहें होती हैं, वैसे ही टीम इंडिया के टी20 वर्ल्ड कप के शुरुआती दौर में ही बाहर होने की कई वजहें रही हैं। विराट कोहली (Virat Kohli) की कप्तानी में भारत सेमीफाइनल तक भी नहीं पहुंच सका। विराट कोहली बतौर कप्तान अंतिम टी20 विश्व कप खेल रहे थे। ऐसे में यह टूर्नामेंट उनके लिए बेहद खास था, लेकिन टीम इंडिया को बुरा दौर देखना पड़ गया। टीम के मुख्य कोच रहे रवि शास्त्री ने एक इंटरव्यू में ऐसे कई हिन्ट्स दिए, जिससे साफ हो जाता है कि टीम इंडिया की ऐसी दुर्गति की क्या वजहें रही होंगी।

पूर्व कोच रवि शास्त्री ने टी20 वर्ल्ड कप 2021 के लिए चुने गए भारतीय टीम को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने एक टीवी कार्यक्रम के दौरान कहा कि इस वर्ल्ड कप के लिए जिस टीम का चयन किया गया इसमें उनकी और विराट कोहली की कोई भूमिका नहीं थी। यानी उन दोनों के बिना विचार-विमर्श किए ही टी20 वर्ल्ड कप 2021 के लिए 15 सदस्यीय भारतीय टीम का चयन किया गया था। रवि शास्त्री ने कहा कि मैं टीम सेलेक्शन में शामिल नहीं था, हालांकि प्लेइंग इलेवन का चयन करने में मैं जरूर था। इतने बड़े टूर्नामेंट के लिए टीम का सलेक्शन हो, और टीम के कप्तान से कोई राय तक ना ली जाए, तो ऐसे में कप्तान अपनी टीम के साथ कितना कंफर्टेबल महसूस करेगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

वहीं, रवि शास्त्री (Ravi Shastri) ने टीम के खिलाड़ियों के बीच आपसी मतभेद की ओर भी इशारा किया है। रवि शास्त्री से जब विराट कोहली के इस्तीफे पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, “कभी-कभार ड्रेसिंग रूम में लोगों में एक-दूसरे से अच्छी नहीं बनती। लेकिन फिर एक को आगे बढ़ना होता है। ये मैं हो सकता था, ये वो (कोहली) हो सकते थे। लेकिन जब चीजें अच्छे से नहीं जम रही होतीं, तो इससे टीम को परेशानी न हो, इसका सबसे अच्छा तरीका होता है कि एक आदमी कदम उठाता है और हट जाता है।”

एक अन्य इंटरव्यू के दौरान रवि शास्त्री ने इशारा किया कि कोहली वनडे टीम की कप्तानी भी छोड़ सकते हैं, ताकि टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान दे सकें। रवि शास्त्री ने कहा, “यह चीज (टी20 से कप्तानी छोड़ना) वनडे के साथ भी हो सकती है। ऐसा हो सकता है कि कोहली कह दें कि अब वह सिर्फ टेस्ट की कप्तानी पर ध्यान लगाना चाहते हैं। उनके पहले ऐसे कई खिलाड़ी हुए हैं, जो कप्तान के तौर पर बेहद सफल रहे, लेकिन बल्लेबाजी पर ध्यान लगाने के लिए उन्होंने इसे छोड़ने का फैसला लिया।”

Posted By: Shailendra Kumar