नई दिल्ली (अभिषेक त्रिपाठी): भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) में नए पदाधिकारियों के पद ग्रहण करने के बाद से ही तय हो गया था कि बोर्ड में काफी बदलाव देखने को मिलेंगे। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (CoA) के जाने के बाद से इस कड़ी में पहला विकेट चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर संतोष रांगणेकर का गिरा।

आलाकमान ने चुनाव से पहले ही बीसीसीआई के भावी पदाधिकारियों को निर्देश दे दिया था कि सभी को संदेश जाना चाहिए कि निजाम बदल गया है। चुनाव के बाद से ही माना जा रहा थी कि बीसीसीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) राहुल जौहरी, CFO संतोष रांगणेकर और जीएम (क्रिकेट) सबा करीम पर गाज गिरेगी। इस मामले में अध्यक्ष सौरव गांगुली ने दीपावली के बाद फैसले लेने की बात कही थी। हाल ही में पदाधिकारियों और बीसीसीआई के पूर्व दिग्गजों की बैठक के बाद रांगणेकर ने इस्तीफा दे दिया। जानकारों के अनुसार जल्द ही बोर्ड के कई और अधिकारी खुद इस्तीफा दे सकते हैं या उन्हें हटाया जा सकता है।

रांगणेकर को लोढ़ा समिति के सुझावों के बाद 2016 में अनुबंधित किया गया था। बोर्ड के इस पहले सीएफओ का तीन साल का कार्यकाल काफी विवादों से भरा रहा। बीसीसीआई की शीर्ष परिषद के एक सीनियर सदस्य ने कहा, रांगणेकर ने आज (शुक्रवार को) अपना इस्तीफा भेज दिया है। जहां तक मुझे पता है, उन पर कोई दबाव नहीं था। उन्होंने खुद ही अपनी इच्छा से इस्तीफा दिया है। ऐसा पता चला है कि रांगणेकर ने अपना इस्तीफा बीसीसीआई सीईओ राहुल जौहरी को भेजा है। CoA ने इस साल जुलाई में रांगणेकर के वेतन में भारी इजाफा किया था।

रांगनेकर उन वजहों से सुर्खियों में आए थे जिनका प्रबंधन से कोई संबंध नहीं था। प्रशासकों की समिति ने रांगणेकर को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के साथ अकाउंट सैटल करने के लिए ऑस्ट्रेलिया की यात्रा करने की अनुमति दी थी, जिस पर यह सवाल उठा था कि जब ऑस्ट्रेलिया जाए बिना ही खातों का निपटारा किया जा सकता था तो उनकी यात्रा के खर्च को मंजूरी क्यों दी गई। उन्होंने पूर्व कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई थी। बीसीसीआई में कई लोगों ने उनके इस दावे को काफी अपमानजनक करार दिया था, जिसका कोई आधार नहीं था।

एक सीनियर बीसीसीआई अधिकारी ने कहा, एक बार जब CoA ने सीएफओ को वित्तीय मामले सौंपे तो यह तो होना ही था। मैं नहीं जानता कि रांगणेकर का सलाहकार कौन था, लेकिन यह शिकायत दर्ज कराना गलत था, जो निराधार था। नई टीम के आने के बाद वह पूछे गए कई सवालों का जवाब नहीं दे सके, इसी के चलते उन्होंने इस्तीफा देकर बीसीसीआई से हटने का फैसला किया।

Posted By: Kiran Waikar