मेलबोर्न (एजेंसियां)। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम में जल्द ही ट्रांसजेंडर खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलते दिखाई दे सकते हैं। जी हां सुनने में भले ही आपको अजीब लग रहा है लेकिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने ट्रांसजेंडर को लेकर बड़ा फैसला करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर और सामुदायिक क्रिकेट में ट्रांसजेंडर और लिंग विविध लोगों को शामिल करने का फैसला किया है। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड ने इसे लेकर गाइडलाइन भी जारी की है जिसके तहत अब ट्रांसजेंडर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल में भाग ले सकेंगे।

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सीईओ केविन रॉबर्ट्स ने बोर्ड की ट्रांसजेंडर नीति घोषित करते हुए बताया कि बोर्ड लिंग पहचान के साथ क्रिकेट में भाग लेने वाले खिलाड़ियों का समर्थन करता है और इसके लिए उसने सामुदायिक क्रिकेट के लिए एलीट क्रिकेट नीति तैयार की है जिसके तहत अब ट्रांसजेंडर भी क्रिकेट खेल सकेंगे। दरअसल क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की नीति लिंग पहचान के आधार पर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के साथ जुड़ी है। ये नीति ट्रांसजेंडर और अलग-अलग लिंग वाले क्रिकेटरों का समर्थन करती है वे खेल के उच्चतम स्तर पर हर प्रतिस्पर्धा में हिस्सा ले सके।

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की इस नीति के तहत इसके लिए खिलाड़ी के लैंगिक क्षमता के आधार को मान्यता दी गई है।लिंग विविध खिलाड़ियों के लिए टेस्टोस्टेरोन की सीमा निर्धारित की गई है। बता दें कि टेस्टोस्टेरोन पुरुष और स्त्री के हारमोन वाला टेस्ट है। ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों के लिए टेस्टोस्टेरोन की मात्रा कम से कम 12 महीनों के लिए 10 नैनोमीटर प्रति लीटर होना चाहिए। ऐसे खिलाड़ियों को इस बात का भी प्रदर्शन करना होगा कि उनका जेंडर कंसिस्टेंट है। ऐसी स्थिति में ट्रांसजेंडर भी टीम में शामिल हो सकेंगे। खिलाड़ी ट्रांसजेंडर है या नहीं ये सुनिश्चित करने के लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने एक विशेषज्ञ पैनल के लिए एक रेफरल प्रक्रिया स्थापित की है।

रॉबर्ट्स ने आगे कहा- ये हैरान करने वाली बात है कि आज भी लोगों के साथ उनकी पहचान के कारण भेदभाव किया जाता है, उन्हें परेशान किया जाता है या बाहर रखा जाता है, ये सही नहीं है। आज हम हर स्तर पर खेल में एक अलग लिंग पहचान वाले लोगों को शामिल करने जा रहे हैं, ताकि हमारे सभी लोगों को ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट और संस्कृति के बारे में पता चल सके। सामुदायिक स्तर पर इस नीति के अनुसार क्लबों और संघों को निर्देश दिए गए हैं कि वो ट्रांसजेंडर और लिंग के विविध खिलाड़ियों को खेल में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें।

बता दें कि पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर एलेक्स ब्लैकवेल ने इस नीति को लागू कराने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा - ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट का ये कदम बहुत अच्छा है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का पसंदीदा खेल है और इस खेल को सभी को मिलकर खेलना चाहिए। इसके अलावा कई पूर्व क्रिकेटरों ने भी क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के इस कदम का स्वागत किया है।

Posted By: Rahul Vavikar

  • Font Size
  • Close