नई दिल्‍ली (एजेंसियां)। खराब दौर से उबरने के लिए टीम इंडिया के मौजूदा खिलाड़ी वीवीएस लक्ष्मण के फॉर्मूले पर काम करें तो जल्द ही लय हासिल कर सकते हैं। ये फॉर्मूला है घरेलू क्रिकेट खेलने का। दरअसल कई बड़े क्रिकेटरों ने घरेलू क्रिकेट के इस फॉर्मूले को अपना चुके हैं और फॉर्म हासिल कर चुके हैं। इतना ही नहीं इंटरनेशनल क्रिकेटर भी इसी फॉर्मूले पर चलकर सफल वापसी कर चुके हैं।

इस समय भारतीय टीम में कुछ खिलाड़ी खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं। इन खिलाड़ियों में केएल राहुल, शिखर धवन, मुरली विजय, रिषभ पंत सहित अन्य खिलाड़ी शामिल हैं। राहुल को वेस्टइंडीज दौरे पर टेस्‍ट में ओपनिंग का मौका मिला, लेकिन वे उम्‍मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। इसके अलावा धवन, मुरली विजय और रिषभ भी जुझते नजर आए।

इस पर बीसीसीआई की सीनियर चयन समिति के प्रमुख एमएसके प्रसाद ने फॉर्म से जुझ रहे खिलाड़ियों को वीवीएस लक्ष्मण के फॉर्मूल पर चलने की सलाह दी। टीम इंडिया ने हाल ही में वेस्‍टइंडीज दौरे पर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए टी 20, वनडे और टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप किया। भारत ने 3 मैचों की टी 20 सीरीज को 3-0 से, 3 मैचों की वनडे सीरीज 2-0 और 2 मैचों की टेस्ट सीरीज 2-0 से जीती।

लेकिन इस दौरे पर केएल राहुल और रिषभ पंत ने निराश किया। कर्नाटक के राहुल दो टेस्‍ट की चार पारियों में केवल 101 रन बना सका। इसका परिणाम यह रहा कि गुरुवार को जब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्‍ट सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान हुआ तो राहुल को टीम से बाहर कर दिया गया। वेस्‍टइंडीज दौरे पर गई टीम में यह एकमात्र बदलाव रहा। उनकी जगह शुभमन गिल को मौका मिला। इसी तरह रिषभ पंत भी उम्मीद के मुताबिक नहीं खेल पाए।

चीफ सिलेक्टर एमएसके प्रसाद ने कहा - इन खिलाड़ियों को एक सही योजना के साथ खेलना चाहिए। भारत के पूर्व मिडिल ऑर्डर बल्‍लेबाज वीवीएस लक्ष्‍मण ने अपने शुरुआती करियर में ओपनर की भूमिका अदा की। हालांकि वे इसमें ज्‍यादा सफल नहीं हुए। 1997 में वेस्‍टइंडीज के पहले दौरे में असफल रहे लक्ष्‍मण को टीम से बाहर कर दिया गया। राष्‍ट्रीय टीम में उनकी जगह अधिकांश समय खतरे में रही। लेकिन 1999-2000 के सीजन में लक्ष्‍मण ने घरेलू क्रिकेट के रुख किया। उस साल रणजी ट्रॉफी में उन्होंने हैदराबाद के लिए 1415 रन बना दिए। यह एक सीजन में सबसे ज्‍यादा रन का रिकॉर्ड था। इसके बाद लक्ष्‍मण ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वे इसके बाद भारतीय मध्‍यक्रम की जान बन गए। 2000 में लक्ष्‍मण ने ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में 167 रन बनाए और अगले ही साल भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे चमकीली पारियों में से एक 281 रन की पारी खेली। इससे उन्‍हें वेरी वेरी स्‍पेशल का टैग मिला।

लिहाजा जो क्रिकेटर फॉर्म से जुझ रहे हैं उन्हें लक्ष्मण फॉर्मूले पर विचार कर आगे बढ़ना चाहिए और उसे लेकर योजना बनानी चाहिए। ये उनके हित में है।

Posted By: Rahul Vavikar