नई दिल्ली। पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ को हितों के टकराव मामले में बीसीसीआई द्वारा नोटिस भेजे जाने पर सौरव गांगुली भड़क गए। पूर्व कप्तान गांगुली ने इस कदम के लिए बीसीसीआई की आलोचना की।

गांगुली को भी बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन (CAB) के अध्यक्ष और दिल्ली कैपिटल्स का मेंटर होने की वजह से हितों के टकराव के आरोपों का सामना करना पड़ा था। उनके अलावा मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर और वीवीएल लक्ष्मण को भी ऐसे ही मामले में बीसीसीआई ने नोटिस जारी किए थे।

गांगुली ने ट्वीट के जरिए बीसीसीआई पर निशाना साधते हुए लिखा, भारतीय क्रिकेट में नया फैशन... हितों का टकराव... खबरों में बने रहने का सर्वश्रेष्ठ जरिया... भारतीय क्रिकेट की भगवान मदद करें...द्रविड़ को बीसीसीआई के एथिक्स ऑफिसर से मिला हितों के टकराव मामले में नोटिस।

मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) के आजीवन सदस्य संजीव गुप्ता की शिकायत पर बीसीसीआई के लोकपाल तथा एथिक्स ऑफिसर जस्टिस (रिटायर्ड) डीके जैन ने द्रविड़ को इस मामले में नोटिस जारी किया। गुप्ता की शिकायत के अनुसार बेंगलुरु स्थित एनसीए के निदेशक द्रविड़ पहले से ही इंडिया सीमेंट ग्रुप में उपाध्यक्ष है। आईपीएल फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) का स्वामित्व इस कंपनी के पास है। ऐसा माना जा रहा है कि द्रविड़ 16 अगस्त के पहले अपना जवाब पेश करेंगे और यदि उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया गया तो वे जस्टिस जैन के सामने उपस्थित भी होंगे।

बोर्ड की क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) के सदस्य होने के साथ ही क्रमश: मुंबई इंडियंस और सनराइजर्स हैदराबाद के मेंटर होने की वजह से तेंडुलकर और लक्ष्मण के खिलाफ शिकायत की गई थी। वैसे इन दोनों ने इन आरोपों का खंडन किया था। सचिन ने शपथपत्र देकर कहा था कि वे मुंबई इंडियंस से कोई पैसा नहीं लेते हैं। सचिन ने कहा था कि वे पूरी स्थिति साफ किए जाने तक सीएसी के सदस्य नहीं बने रहना चाहेंगे। लक्ष्मण ने कहा कि यदि उनका क्रिकेट सलाहकार समिति का सदस्य बने रहना हितों के टकराव के तहत आता है तो वे पद छोड़ने को तैयार है।