लॉर्ड्स। आईसीसी क्रिकेट टूर्नामेंट में अंपायरों के कई फैसलों पर सवाल उठे। न्यूजीलैंड और मेजबान इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे फाइनल मुकाबले में भी अंपायर के शुरुआत फैसले सवालों के घेरे में घिर गए। मैच के शुरुआती 7 ओवर के खेल में ही 2 बार अंपायर रिवीव की स्थिति बन गई। इनमें से अंपायर का एक फैसला गलत रहा, जबकि दूसरे में बरकारर रहा। इतना ही नहीं बाद में न्यूजीलैंड के बल्लेबाज रॉस टेलर भी अंपायर के गलत फैसले का शिकार बनें।

ऐतिहासिक लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ न्यूजीलैंड टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी कर रहा है। न्यूजीलैंड के लिए हैनरी निकोल्स और मार्टिन गप्टिल ने पारी की संयमित शुरुआत की। अभी न्यूजीलैंड का स्कोर 8 रन था, तभी क्रिस वोक्स द्वारा फेंके जा रहे पारी के तीसरे ओवर की तीसरी गेंद पर हैनरी निकोल्स एलबीडब्ल्यू हो गए। अंपायर कुमार धर्मसेना ने उन्हें पगबाधा आउट दिया। लेकिन निकोल्स ने क्रीज से आगे निकलकर शॉट खेला था, उन्होंने साथी बल्लेबाज मार्टिन गप्टिल से चर्चा की और अंपायर रिवीव मांग लिया। ये फेयर गेंद थी और इस पर बल्ले का कोई किनारा भी नहीं लगा था। लेकिन हॉक आय के मुताबिक गेंद स्टम्प्स से काफी ऊपर से निकल रही थी। ऐसे में थर्ड अंपायर ने निकोल्स को नॉटआउट करार दे दिया। इस तरह अंपायर का फैसला गलत साबित हुआ।

खेल आगे बढ़ा और पारी के 7वें ओवर की दूसरी गेंद पर वोक्स के सामने गप्टिल थे। वोक्स की गेंद खेलने की कोशिश में गप्टिल चूके और एलबीडब्ल्यू की अपील पर अंपायर धर्मसेना ने गप्टिल को आउट दे दिया। गप्टिल इस फैसले से नाखुश दिखे और साथी खिलाड़ी निकोल्स से चर्चा के बाद गप्टिल रिवीव मांग लिया। लेकिन इस बार किस्मत ने न्यूजीलैंड का साथ नहीं दिया और गप्टिल को थर्ड अंपायर ने भी आउट करार दिया। गप्टिल ने 18 गेंदों में 2 चौके और एक छक्के की मदद से 19 रन बनाए। इसी के साथ उनका इस विश्व कप में बेहद निराशाजनकर प्रदर्शन फाइनल में भी जारी रहा। गप्टिल ने इस विश्व कप के 11 मैचों में 20.66 की औसत से केवल 186 रन बनाए, जिसमें 73 उनका सर्वोच्च स्कोर रहा। वहीं इस तरह खेल के पहले 7 ओवरों के खेल में ही दो मौके ऐसे आए जब अंपायर के फैसले पर रिवीव मांगा गया।

इसके बाद 34वें ओवर में रॉस टेलर भी अंपायर मरायस इरेसमस के गलत फैसले का शिकार हुए। अंपायर इरेसमस ने मार्क वुड की गेंद पर टेलर को एलबीडब्ल्यू आउट दिया। लेकिन हॉकआय में साफ दिखा कि गेंद स्टम्प्स के काफी ऊपर से जा रही थी। लेकिन चूंकि न्यूजीलैंड के पास अंपायर रिवीव बचा नहीं था, लिहाजा टेलर कुछ नहीं कर सके।

हालांकि एक रोचक स्थिति इससे पहले पारी के दूसरे ओवर में बनीं। जब आर्चर की गेंद पर गप्टिल बाल-बाल बचे। गप्टिल ये गेंद खेलने से चूके और कट की आवाज के साथ गेंद विकेटकीपर गोस बटलर के दस्तानों में समां गई। इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। लेकिन गप्टिल वहीं खड़े रहे और अंपायर ने भी उन्हें आउट नहीं दिया। इस पर इंग्लैंड के कप्तान इयोन मॉर्गन और अन्य खिलाड़ी हैरान रह गए क्योंकि गेंद जब बल्ले के नजदीक से गुजरी तो कट की आवाज भी आई। लेकिन साथी खिलाड़ियों से चर्चा के बाद मॉर्गन ने अंपायर रिवीव नहीं मांगा। बाद में टीवी रिप्ले में साफ दिखा कि गेंद ने बल्ले का किनारा नहीं लिया बल्कि वो थाई पैड से टच होते हुई निकली थी। ये आवाज थाई पैड से टच होने के कारण ही निकली। मॉर्गन का अंपायर रिवीव नहीं लेने का फैसला सही साबित हुआ।

हालांकि इस विश्व कप में कई ऐसे मौके आए, जब अंपायरों के फैसले गलत रहे हैं। इन फैसलों के कारण कुछ मैचों के परिणाम तक बदल गए।

Posted By: Rahul Vavikar