Happy Birthday Sourav Ganguly: भारतीय क्रिकेट टीम ने भले ही 1983 में वर्ल्ड कप जीता था लेकिन दुनियाभर में उसकी धाक पहली बार Sourav Ganguly के नेतृत्व में नजर आई। Sourav Ganguly को भारतीय क्रिकेट टीम को Team India बनाने का श्रेय जाता है। उनके नेतृत्व में टीम ने आक्रामकता को अपनाया और विदेशी धरती पर भी जुझारू प्रदर्शन से जीत हासिल करना शुरू किया। उस दौर में टीम के खिलाड़ियों ने विदेशी खिलाड़ियों की आंखों में आंखे डालकर स्लेजिंग का जवाब देना शुरू किया था। Sourav Ganguly ने कई ऐसे फैसले लिए जिनकी वजह से भारतीय क्रिकेट की दशा और दिशा दोनों बदल गई।

Sourav Ganguly मौके की नजाकत को देखते हुए कड़े फैसले लेने से घबराते नहीं थे और इसी वजह से उनके कुछ फैसलों ने भारत को अभूतपूर्व सफलता दिलाई। 2001 कोलकाता टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत फॉलोऑन में खेल रहा था और ऐसे में गांगुली ने Rahul Dravid की जगह VVS Laxman को तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी के लिए भेजा। VVS Laxman ने 281 रनों की मैराथन पारी खेली और Rahul Dravid के साथ रिकॉर्ड साझेदारी की, जिसके बाद भारत ने ऐतिहासिक वापसी करते हुए यह टेस्ट मैच जीता। भारत ने ऑस्ट्रेलिया के विजयी रथ को थामा और इससे टीम में यह आत्मविश्वास जागा था कि वे किसी भी स्थिति में किसी भी टीम को हरा सकते हैं।

राहुल द्रविड़ को विकेटकीपिंग के लिए राजी किया:

सौरव गांगुली ने उस समय टीम के संतुलन के लिहाज से Rahul Dravid को विकेटकीपिंग का दायित्व संभालने के लिए राजी किया। द्रविड़ उस समय भारत के स्टार बल्लेबाज थे, इसके बावजूद टीम हित के लिए उन्होंने विकेटकीपिंग की और 2002 से 2004 के बीच वनडे में जबर्दस्त प्रदर्शन भी किया।

वीरेंद्र सहवाग को ओपनिंग का दायित्व सौंपा:

Virender Sehwag मध्यक्रम के बल्लेबाज थे लेकिन सौरव गांगुली ने उनके अंदर की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें ओपनिंग का दायित्व सौंपा। Virender Sehwag भी कप्तान के विश्वास पर खरे उतरे और विस्फोटक ओपनर के रूप में उन्होंने दुनियाभर में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने विदेशी धरती पर भारत की कई जीत में अहम भूमिका निभाई। सहवाग टेस्ट क्रिकेट में भारत की तरफ दो तिहरे शतक लगाने वाले एकमात्र बल्लेबाज हैं।

सौरव गांगुली की पारखी नजरों ने ही महेंद्रसिंह धोनी को टीम इंडिया में जगह दिलाई थी। भारत ए की तरफ से केन्या के खिलाफ सीरीज के प्रदर्शन के आधार पर धोनी को गांगुली ने टीम इंडिया में शामिल करवाया। गांगुली ने धोनी को 2005 में पाकिस्तान के खिलाफ विशाखापत्तनम में बल्लेबाजी क्रम में प्रमोट कर तीसरे क्रम पर भेजा और धोनी 148 रनों की पारी खेल उनके विश्वास पर खरे उतरे।

सौरव गांगुली खिलाड़ी के नाम की बजाए उसके प्रदर्शन को महत्व देते थे, इसी वजह से उनकी कप्तानी के दौरान कई युवा खिलाड़ी निखरकर सामने आए। उनके नेतृत्व में भारत ने 49 टेस्ट मैचों में से 21 मैच जीते। विदेशों में भी उन्होंने टीम को जबर्दस्त सफलताएं दिलाई। उनकी अगुवाई में टीम इंडिया ने विदेश में 28 में से 11 मैचों में जीत हासिल की। गांगुली अभी बीसीसीआई के अध्यक्ष है और वे अब एक प्रशासक के रूप में भारतीय क्रिकेट के स्तर को उपर उठाने में जुटे हुए हैं।

Posted By: Kiran K Waikar

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

Ram Mandir Bhumi Pujan
Ram Mandir Bhumi Pujan