नई दिल्ली। मेजबान इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को हराकर विश्व कप क्रिकेट का अपना पहला खिताब जीता। लेकिन वर्ल्ड कप समाप्त होने के बाद आईसीसी को लगातार आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। आईसीसी की बाउंड्री काउंट नियम और इंग्लैंड को 6 रन ओवर थ्रो के देने के अंपायरों के फैसले पर आलोचना हो रही है। लेकिन पहली बार आईसीसी ने ओवर थ्रो वाकये को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

बता दें कि फाइनल मैच के 50 ओवर में उस समय ड्रामा देखने को मिला जब ट्रेंट बोल्ट की गेंद पर बेन स्टोक्स ने डीप मिडविकेट पर शॉट खेला। यहां बाउंड्री लाइन पर खड़े मार्टिन गप्टिल ने विकेटकीपर एंड पर थ्रो किया, लेकिन रन आउट से बचने के लिए स्टोक्स ने डाइव लगा दी। इसी दौरान गेंद स्टोक्स के बल्ले से टकराई और बाउंड्री लाइन पार कर गई। इस पर अंपायर ने इंग्लैंड को 6 रन दिए थे। इसके चलते स्कोर लेवल हुए और मैच सुपर ओवर में चला गया।

विवाद इस बात को लेकर हुआ कि उस समय इंग्लैंड को 6 नहीं बल्कि 5 रन दिए जाने चाहिए थे। ये 5 बार आईसीसी के बेस्ट अंपायर घोषित हुए ऑस्ट्रेलिया के साइमन टॉफेल ने आईसीसी के नियमों का हवाला देते हुए कही थी। इसके बाद विवाद और बढ़ गया। टॉफेल ने आईसीसी की नियम पुस्तिका के नियम 19.8 का हवाला देते ये बात कही थी। अगर इंग्लैंड को उस समय 5 रन दिए जाते, तो बेन स्टोक्स की जगह आदिल राशिद स्ट्राइक पर होते और इंग्लैंड को उस समय 2 गेंदों में 4 रनों की जरुरत होती। हालांकि फील्ड अंपायर कुमार धर्मसेना ने अपने साथी अंपायर से चर्चा के बाद ही इंग्लैंड को 6 रन दिए थे।

इस पूरे मामले में जब आईसीसी से उसकी प्रतिक्रिया मांगी गई तो आईसीसी ने इस विवाद में शामिल होने से इनकार कर दिया। आईसीसी प्रवक्ता ने कहा कि ऑन फील्ड अंपायर नियमों की व्याख्या के साथ मैदान पर ही अंतिम निर्णय लेते हैं। उनके फैसलों पर बाद में आईसीसी कोई टिप्पणी नहीं करता है। ऐसे में अंपायरों ने जो फैसला दे दिया, उसे लेकर विवाद करना फिजूल है।

गौरतलब है कि पूर्व आईसीसी अंपायर साइमन टॉफेल के मुताबिक आईसीसी के नियम 19.8 के अनुसार यदि ओवर थ्रो के बाद गेंद बाउंड्री के पार जाती है, तो पेनाल्टी के रन में बल्लेबाजों द्वारा पूरे किए गए रन भी जुड़ते हैं। यदि बल्लेबाज रन के लिए लिए दौड़ रहे हैं, तब ये भी देखा जाता है कि ठीक फील्डर की गेंद थ्रो करते समय दोनों बल्लेबाज क्रॉस हुए हैं या नहीं। यदि नहीं हुए हैं तो एक रन काउंट होता है और ये रन उस बाउंड्री में जुड़ता है। ऐसे में इस मामले में भी अंपायरों से गलती हुई। इंग्लैंड को 6 की जगह केवल 5 रन दिए जाने चाहिए थे।