मल्टीमीडिया डेस्क। साल 2003 में आईसीसी टेस्ट रैंकिंग की शुरुआत हुई थी और क्रिकेट के जनक इंग्लैंड को इसके शीर्ष पर पहुंचने के लिए आठ साल लग गए। इंग्लैंड ने बर्मिंघम के एजबेस्टन में 10 से 13 अगस्त 2011 तक हुए टेस्ट मैच में भारत को पारी और 242 रनों से हराकर टेस्ट रैंकिंग में पहला स्थान हासिल किया।

एलिस्टेयर कुक ने शानदार दोहरा शतक लगाया और वे मात्र 6 रनों से तिहरा शतक चूके। उन्होंने कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस, केविन पीटरसन और इयोन मॉर्गन के साथ शतकीय भागादारियां की। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत की पहली पारी की शुरुआत खराब रही और वह इससे उबर नहीं पाई। मेहमान टीम 111 रनों पर 7 विकेट खोकर गहरे संकट में थी, ऐसे में कप्तान महेंद्रसिंह धोनी ने प्रवीण कुमार (26) के साथ आठवें विकेट के लिए 84 रन जोड़कर स्कोर को सम्मानजनक बनाया। धोनी ने 10 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 77 रनों की पारी खेली और भारत ने 224 रन बनाए। स्टुअर्ट ब्रॉड ने 53 रनों पर 4 और टिम ब्रेसनन ने 62 रनों पर 4 विकेट लिए।

इसके जवाब में इंग्लैंड ने हिमालयी स्कोर खड़ा किया। कप्तान स्ट्रॉस और कुक ने शानदार शुरुआत करते हुए पहले विकेट के लिए 186 रन जोड़े। स्ट्रॉस 86 रन बनाकर आउट हुए। कुक को केविन पीटरसन (63) का साथ मिला और इन्होंने तीसरे विकेट के लिए 122 रनों की भागीदारी की। प्रवीण कुमार ने पीटरसन को आउट किया और इसके बाद उतरे इयोन मॉर्गन ने कुक के साथ मिलकर भारतीय गेंदबाजों की जमकर पिटाई की। कुक ने 213 गेंदों में 14 चौकों की मदद से शतक पूरा किया था जबकि वे 378 गेंदों में 27 चौकों की मदद से दोहरे शतक तक पहुंचे। मॉर्गन शतक पूरा करने के बाद 104 के निजी स्कोर पर सुरेश रैना के शिकार बने। उन्होंने कुक के साथ चौथे विकेट के लिए 222 रन जोड़े।

कुक दुर्भाग्यशाली रहे और सिर्फ 6 रनों से तिहरा शतक चूके। वे 773 मिनट तक क्रीज पर रहने के बाद 545 गेंदों का सामना कर 33 चौकों की मदद से 294 रन बनाकर ईशांत शर्मा के शिकार बने। कुक के आउट होते ही इंग्लैंड ने पहली पारी 7 विकेट पर 710 के स्कोर पर घोषित कर दी, टिम ब्रेसनन इस वक्त 53 रन बनाकर नाबाद थे।

इंग्लैंड को पहली पारी के आधार पर 486 रनों की बढ़त मिली, जिसके जवाब में भारत की दूसरी पारी 244 रनों पर सिमट गई। दूसरी पारी में भी कप्तान धोनी के अलावा कोई बल्लेबाज मेजबान गेंदबाजों का प्रतिकार नहीं कर पाया। धोनी 74 रन बनाकर नाबाद रहे जबकि सचिन तेंडुलकर और प्रवीण कुमार ने 40-40 रन बनाए। जेम्स एंडरसन ने 4 विकेट लिए। इंग्लैंड ने इस टेस्ट को जीतकर चार मैचों की सीरीज में 3-0 की बढ़त बनाई। यह जीत इंग्लैंड के लिए इसलिए खास बनी क्योंकि वह टेस्ट रैंकिंग में पहली बार शीर्ष पर पहुंचा।