लंदन। अफगानिस्तान के खिलाफ बमुश्किल जीत दर्ज करने वाली टीम इंडिया के लिए समस्या कम होने के बजाए बढ़ती ही जा रही है। भारतीय टीम का अभियान वर्ल्ड कप में सबसे देरी से शुरू हुआ था और चोटिल खिलाड़ियों से परेशान टीम को अगले 10 दिनों में चार मैच खेलने होंगे।

भारतीय टीम इस वक्त 5 मैचों से 9 अंकों के साथ अंक तालिका में तीसरे स्थान पर है। उसे अभी वेस्टइंडीज से 27 जून को मैनचेस्टर में, 30 जून को इंग्लैंड से बर्मिंघम में, 2 जुलाई को बांग्लादेश से बर्मिंघम में और 6 जुलाई को श्रीलंका से लीड्स में खेलना होगा।

अफगानिस्तान पर भारत जीत दर्ज करने में तो सफल रहा लेकिन उसके लिए उसे कड़ा संघर्ष करना पड़ा। बल्लेबाजों के लचर प्रदर्शन के चलते भारत 8 विकेट पर 224 रन ही बना पाया। टीम को शिखर धवन की कमी खली और केएल राहुल परिपक्वता दिखाने में नाकाम रहे। रोहित शर्मा के जल्दी आउट होने पर टीम की बल्लेबाजी की पोल खुल गई। विराट कोहली ने अच्छी पारी खेली। केदार जाधव और महेंद्रसिंह धोनी ने स्कोर को चुनौतीपूर्ण बनाया लेकिन वे बहुत ज्यादा धीमे खेले। स्ट्राइक रोटेट नहीं कर पाने की वजह से उन्होंने खुद पर दबाव बना लिया।

भारतीय स्पिनर इस मैच में अफगानी स्पिनरों की तुलना में हलके साबित हुए। कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल की जोड़ी अनुभवी है लेकिन इस मैच में वे अफगानी टीम को दवाब में लाने में नाकाम रहे। भुवनेश्वर कुमार के चोटिल होने की वजह से मोहम्मद शमी को मौका मिला और उन्होंने इसका पूरा लाभ उठाया। टीम के ट्रंप कार्ड जसप्रीत बुमराह हमेशा की तरह प्रभावी रहे और उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया।

टीम इंडिया की अब अग्निपरीक्षा होगी क्योंकि उसे 10 दिनों में अलग-अलग विशेषताओं वाली टीमों का सामना करना होगा। वेस्टइंडीज टीम इस बार अलग ही रंग में नजर आ रही है। उसका तेज गेंदबाजी आक्रमण शॉर्ट पिच गेंदों की धूम मचा रहा है। कैरेबियाई टीम ने पाकिस्तान को रौंदा और इसके बाद उसकी कुछ मैचों में करीबी हार हुई। इसके बावजूद भारत को शॉर्ट पिट गेंदबाजी का सामना करना होगा। दो मैच हार चुकी इग्लैंड टीम के लिए हर मैच महत्वपूर्ण है भारत को उनके खिलाफ मजबूत बल्लेबाजी और जोश से भरे गेंदबाजी आक्रमण का सामना करना होगा। शाकिब अल हसन के करिश्माई प्रदर्शन के बल पर बांग्लादेशी टीम दावेदारी पेश कर रही है और श्रीलंका को लसिथ मलिंगा से उम्मीदें रहेंगी। भारत को अपने अंतिम दो राउंड रॉबिन मैचों में इन दो खिलाड़ियों से बचकर रहना होगा।

Posted By: Kiran Waikar