मल्टीमीडिया डेस्क। आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप में ऐसे चुनिंदा मैच हुए हैं जिनका फैसला 1 रन के अंतर से हुआ है। इनमें से एक मैच भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 1987 रिलायंस क्रिकेट वर्ल्ड कप में खेला गया था। आज से ठीक 32 साल पहले (9 अक्टूबर 1987) को चेन्नई (तत्कालीन मद्रास) में हुए इस मैच में मेजबान भारत को 1 रन से हार झेलनी पड़ी थी।

ऑस्ट्रेलियाई ओपनर ज्यॉफ मार्श की वनडे में खतरनाक बल्लेबाजों में नहीं होती थी लेकिन उन्होंने भारत के खिलाफ इस मैच में शतक जड़ते हुए टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। मार्श और डेविड बून ने पहले विकेट के लिए शतकीय भागीदारी कर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। इसके बाद डीन जोंस ने 39 रनों का योगदान दिया। मार्श ने 141 गेंदों में 7 चौकों और 1 छक्के की मदद से 110 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट पर 270 रन बनाए।

इसके जवाब में भारत आसानी से जीत की तरफ बढ़ रहा था। ओपनर कृष्णमचारी श्रीकांत (70) और नवजोत सिद्धू ने अर्द्धशतकीय पारियां खेली। सिद्धू ने पीटर टेलर और एलन बॉर्डर की गेंदों की जमकर पिटाई की। उन्होंने 4 चौकों और 5 छक्कों की मदद से 73 रनों की पारी खेली। भारत एक समय 2 विकेट पर 207 रन बनाकर मजबूत स्थिति में था और उसे 15.5 ओवरों में जीत के लिए 64 रनों की दरकार थी। इस स्थिति में क्रैग मैक्डरमोट ने सिद्धू को बोल्ड किया और भारत के विकेटों की पतझड़ शुरू हो गई। मैक्डरमोट ने इसके बाद अजहरूद्दीन, दिलीप वेंगसरकर और रवि शास्त्री को आउट किया और भारत के जीत की तरफ बढ़ते कदमों पर रोक लग गई। इसके बाद कपिल कुछ खास नहीं कर पाए और रॉजर बिन्नी और मनोज प्रभाकर रन आउट हो गए। स्टीव वॉ ने अंतिम ओवर की पांचवीं गेंद पर मनिंदरसिंह को बोल्ड कर भारत की पारी को 269 पर समेट दिया। मैक्डरमोट ने 56 रनों पर 4 विकेट लिए जबकि स्टीव वॉ को 2 विकेट मिले।