क्या पाकिस्तान में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है? यह सवाल इसलिए उठा है क्योंकि इमरान खान (Imran Khan) ने पहले अपने गृह मंत्री शेख रशीद को छुट्टी दी ताकि वे दुबई जाकर भारत और पाकिस्तान का टी20 मुकाबला देख सकें, लेकिन शनिवार रात आनन-फानन ने में उन्हें वापस बुला लिया गया। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, पाकिस्तान में सुरक्षा के आंतरिक हालात ठीक नहीं हैं, जिन्हें देखते हुए इमरान खान को शेख रशीद को बुलाना पड़ा। बता दें, पाकिस्तान में तहरीक-ए-लब्बिक पाकिस्तान (टीएलपी) ने ऐलान किया है कि उसके कार्यकर्ता इस्लामाबाद तक मार्च करेंगे। पाकिस्तान में टीएलपी के नेता हाफिज सईद हुसैन रिजवी की गिरफ्तारी का विरोध किया जा रहा है।

इमरान खान सरकार को लग रहा है कि यह प्रदर्शन उनके लिए नई मुश्किल खड़ी कर सकता है। यही कारण है कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए 1500 से अधिक सुरक्षाकर्मी नियुक्त किए गए हैं। टीएलपी एक कट्टर इस्लामिक संगठन है। टीएलपी के सैकड़ों कार्यकर्ता लाहौर में धरने में हिस्सा ले रहे हैं ताकि पंजाब सरकार पर उसके दिवंगत संस्थापक खादिम रिजवी के बेटे हाफिज साद हुसैन रिजवी की रिहाई के लिए दबाव डाला जा सके। हाफिज साद हुसैन रिजवी को पंजाब सरकार ने 12 अप्रैल से हिरासत में रखा है। सरकार को आशंका है कि रिजवी की रिहाई से पाकिस्तान में अशांति फैल सकती है।

इमरान खान के लिए नई मुश्किल

टीएलपी का यह प्रदर्शन इमरान खान के लिए नई मुश्किल पैदा कर रहा है। इमरान खान पहले ही विपक्षी दलों के नेताओं के निशाने पर हैं। उनके खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। चरमराई अर्थव्यवस्था और महंगाई के लिए अब तो आम पाकिस्तानी भी इमरान सरकार को कोसने लगा है।

Posted By: Arvind Dubey