इंदौर। India vs Bangladesh 1st Test: किसी भी टीम की पहचान उसके खिलाड़ियों के साथ ही उसके धूर प्रशंसकों से होती है, जिनके बिना टीम की चमक फिकी लगती है। ऐसे ही कुछ प्रशंसक बांग्लादेशी टीम के साथ भी पहले क्रिकेट टेस्ट के लिए इंदौर पहुंचे हैं। इनमें से एक हैं नूर बक्श। सफेद दाढ़ी, सिर पर बांग्लादेशी झंडे की टोपी, जैकेट पर बांग्लादेशी सरकार द्वारा दिया गया पहचान पत्र और हाथ में एकतारा लिए यह करीब 70-75 साल का शख्स बांग्लादेश टीम के अभ्यास के दौरान स्टैंड्स में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते नजर आते हैं।

1971 में बांग्लादेश-पाकिस्तान युद्ध के दौरान मुक्ति वाहिनी के सेनानी रहे। वह पिछले 15 सालों से लगातार बांग्लादेशी टीम के उत्साहवर्धन करने के लिए मैदान में मौजूद रहते हैं। वह टीम के हर दौरे पर भी साथ रहते हैं। भारतीय सीमा से लगे जिनाना गांव के रहने वाले नूर के आने-जाने और ठहरने का खर्च टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज मुश्फिकुर रहीम उठाते हैं। युद्ध में हिस्सा लेने के बाद नूर को सरकार से भी भत्ता भी मिलता है। भारतीय कप्तान विराट कोहली और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी उनके पसंदीदा भारतीय खिलाड़ी हैं। उनके साथ ही टीम का उत्साह बढ़ाने के लिए 31 साल के मोहम्मद रवि भी यहां आए हैं। वह भी हर मैच में दर्शक दीर्घा में मौजूद रहते हैं।

इंदौर की सफाई के मुरीद हुए टाइगर :

ऐसे ही एक और प्रशंसक टाइगर ने कहा कि वह पहले देश में क्लब क्रिकेट खेल चुके हैं और इस खेल के बड़े प्रशंसक हैं। वह लंबे समय तक क्लब बॉय के तौर पर भी काम कर चुके हैं। वह इंदौर में साफ-सफाई देखकर मुरीद हो गए। उन्होंने बताया कि नागपुर टी-20 मैच के दौरान किसी ने उन्हें बताया कि इंदौर भारत का सबसे साफ शहर और सफाई में नंबर वन है। यह सुनकर वह इंदौर चले आए। यहां की साफ-सफाई देखकर वह बहुत प्रभावित हुए। रात को भी सफाई कर्मचारी यहां काम करते दिखे। सड़कों पर कचरा दिखाई नहीं दिया।

Posted By: Kiran Waikar