हैदराबाद। India vs West Indies 1st T20 highlights: भारत ने कप्तान विराट कोहली की शानदार पारी की मदद से हैदराबाद में खेले गए पहले टी20 मैच में वेस्टइंडीज को 6 विकेट से हराया। विराट ने इस मैच में करियर बेस्ट नाबाद 94 रनों की पारी खेली। लेकिन खुद विराट अपनी पारी और बल्लेबाजी से खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे बहुत खराब खेले और युवा खिलाड़ियों को इस पारी को फॉलो नहीं करना चाहिए।

बता दें कि विराट ने 50 गेंदों का सामना करते हुए 6 चौकों और 6 छक्कों की मदद से नाबाद 94 रन बनाए और भारत को शानदार जीत दिलाई। विराट की इस तूफानी पारी की बदौलत ही भारत ने 208 रनों का विशाल लक्ष्य हासिल किया। विराट ने अपनी पारी की अंतिम 20 गेंदों में 55 रन बनाए। हालांकि विराट खुद अपनी पारी से खुश नहीं हैं।

'युवा बल्लेबाज फॉलो न करें'

मैच के बाद विराट ने कहा- मैंने खराब बल्लेबाजी की और मैं नहीं चाहता कि कोई भी युवा बल्लेबाज मेरी पारी के पहले हिस्‍से को फॉलो करें। शुरुआत में मुझे खेलने में काफी दिक्कत हुई। मैं रन ही नहीं बना पा रहा था। बता दें कि विराट को शुरुआत में काफी परेशानी आई। पहली 10 गेंद में वे केवल 7 रन बना सके थे। इसके अलावा वे कुछ गेंदों पर बीट हुए और आउट होते-होते भी बचे। लेकिन बाद में उन्होंने अपनी पारी संवारी और मैच खत्‍म होने के समय विराट ने 200 की स्‍ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की।

विराट ने कहा- जो युवा बल्‍लेबाज इस मैच को देख रहे थे उनसे कहना चाहूंगा कि मेरी पारी के पहले हिस्‍से को फॉलो न करें। उस समय मैं बहुत खराब खेल रहा था। मेरी खराब बल्लेबाजी के कारण राहुल पर अतिरिक्त दबाव बना। मैं तेजी से रन नहीं बना पा रहा था।

'शैली बदली और रन बनाए'

विराट ने बताया कि जेसन होल्‍डर का ओवर टर्निंग पॉइंट बना। इसके बाद ही मैच में पासा पलटा। उसी दौरान मैंने समझा कि मैं क्या गलती कर रहा था। मैं महसूस किया कि मैं स्‍लॉग में खेलने वाला बल्लेबाज नहीं हूं, टाइमिंग मेरी सबसे बड़ी ताकत है। मैंने तुरंत अपनी शैली बदली और फिर रन बनाए।

'मैच के हिसाब से खेलना पसंद'

विराट ने कहा- मैं ऐसा बल्‍लेबाज नहीं हूं जो केवल लोगों का मनोरंजन करने के लिए हवा में शॉट खेलूं। मैं ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करने वाला क्रिकेट नहीं खेलता। मैं टीम की जरुरत के हिसाब से बल्लेबाजी करना पसंद करता हूं। बड़ा स्कोर चेस करना था, लिहाजा मैच में मुझे या रोहित को लंबी पारी खेलना जरुरी था। मैं कोई भी मैच खेलूं टीम की जरुरत के हिसाब से ही खेलना पसंद करता हूं। फॉर्मेट के हिसाब से खुद को ढाल लेता हूं और रन बनाना चाहता हूं।

'नोटबुक सेलिब्रेशन की खास वजह'

इतना ही नहीं विराट ने बताया कि लक्ष्य का पीछा करते समय जब कुछ गेंदें खाली निकल जाए तो दबाव बनने लगता है। खासतौर से जब लक्ष्य बड़ा हो तो ये दबाव ज्यादा बनता है। फिर तेज खेलना ही होता है। केसरिक विलियम्‍स के ओवर में छक्‍का लगाने के बाद नोटबुक सेलिब्रेशन को लेकर विराट ने बताया कि कैरेबियाई प्रीमियर लीग के दौरान जमैका में विलियम्स ने मुझे आउट किया था तब उन्होंने नोटबुक सेलिब्रेशन किया था। वो नोटबुक उन्होंने मुझे वहां दी थी। जब मैंने उनके खिलाफ रन बनाए तो मैंने उसी अंदाज में उन्हें वो नोटबुक लौटाई।

विराट ने कहा कि मैच में ये सब होता रहता है। हम मैच के बाद एक-दूसरे से अच्छे से मिले। हम प्रतिद्वंद्वी होने के बावजूद एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। ये प्रतिद्वंद्विता सभी टीमों के खिलाड़ियों में होती है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

Posted By: Rahul Vavikar

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

ipl 2020
ipl 2020