केपटाउन। भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर पहली टेस्ट सीरीज जीतना चाहती है जबकि मेहमान टीम नंबर वन टीम को पछाड़कर शीर्ष पर जाना चाहती है। दक्षिण अफ्रीकी टीम के अब तक के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर जैक्स कैलिस का मानना है कि दक्षिण अफ्रीका के लिए यह आसान नहीं होने वाला है। भारतीय टीम उसे कड़ी चुनौती देगी। पेश है अभिषेक त्रिपाठी की कैलिस से बातचीत के मुख्य अंश-

-भारतीय टीम पहली बार दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट सीरीज जीतने को आतुर है। आप उसकी चुनौती को कैसे देखते हैं?

-मैंने इस टीम के खिलाफ बहुत टेस्ट खेले हैं। यह टीम अपने घर में शेर है लेकिन विराट कोहली की कप्तानी में इसने पिछले दो साल में शानदार प्रदर्शन किया है और उसे दक्षिण अफ्रीकी टीम हल्के में नहीं ले सकती है। इस टीम में पहले की भारतीय टीमों से काफी कुछ नया है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कुल मिलाकर यह टीम बहुत अच्छी नजर आ रही है जो दक्षिण अफ्रीकी टीम को चुनौती देगी। एक मजेदार और रोमांचक सीरीज देखने को मिल सकती है।

-इस सीरीज में ऑलराउंडरों की क्या भूमिका रहेगी?

-निश्चित तौर पर ऑलराउंडर टीम को संतुलित करते हैं। जब आप भारतीय उपमहाद्वीप में खेलते हैं तो आपको ऐसे ऑलराउंडर की जरूरत होती है जो स्पिन के साथ बल्लेबाजी कर सके। जब आप उससे बाहर जाते हैं तो तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर की जरूरत होती है। मैं खुद ऑलराउंडर रहा हूं। इस सीरीज में भी ये अहम भूमिका निभाएंगे। भारतीय टीम में हार्दिक पांड्या हैं। उन्हें मैंने आइपीएल में खेलते हुए देखा है। उन्होंने बहुत तेजी से अपने आपको निखारा है जबकि दक्षिण अफ्रीकी टीम में आखिर समय में क्रिस मॉरिस को लाया गया है। ये दोनों ही अपनी टीमों को संतुलित करेंगे।

-विराट, पुजारा और रहाणे पहले भी यहां खेल चुके हैं। क्या पिछले दौरे से यह बेहतर बल्लेबाज हुए हैं?

-निश्चित तौर पर अगर कोई खिलाड़ी तीन-चार साल के अंतराल के बाद भी टीम में बना हुआ है और आगे से उसे संभाल रहा है तो उसके खेल में सुधार ही हुआ होगा। ये तीनों भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ हैं और इनका प्रदर्शन ही टीम इंडिया की जीत की राह सुनिश्चित करेगा। विराट इस समय शानदार फॉर्म में हैं और निश्चित तौर पर दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों ने उनके खिलाफ कोई न कोई कार्ययोजना बनाई होगी। जहां तक पुजारा की बात है तो वह शुद्ध टेस्ट बल्लेबाज हैं। उन्हें आउट करना हमेशा चुनौती होती है। रहाणे पिछले चार-पांच मैच से फॉर्म में नहीं हैं लेकिन इस तरह के बड़े बल्लेबाजों को सिर्फ एक बड़ी पारी की दरकार होती है। ऐसा होते ही उन्हें कोई नहीं रोक पाता।

-ऐसा पहली बार दिखाई दे रहा है जब भारत पांच तेज गेंदबाजों के साथ आक्रमण के लिए दक्षिण अफ्रीका आया है। उसके बारे में क्या कहेंगे?

-जब आप दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जाते हो तो आपको आपके तेज गेंदबाज ही जीत दिलाते हैं। पिछले छह दौरों की बात करें तो इस बार भारतीय टीम के पास सबसे अच्छे गेंदबाजों का ग्रुप है। जो स्विंग कर सकते हैं, बाउंस कर सकते हैं और रिवर्स स्विंग भी कर सकते हैं। इसीलिए यह टीम नंबर वन भी है। इशांत और शमी यहां पहले भी खेल चुके हैं। उनका अनुभव इस सीरीज में काम आएगा। भुवनेश्वर ने तो पिछले एक साल में कमाल ही किया है जबकि जसप्रीत बुमराह के पास बेहतरीन प्रतिभा है। वहीं उमेश के पास तेजी है। ये एक तरह का कलेक्शन है। आप यह सोचो कि अगर ये पांचों एक साथ अंतिम एकादश में खेल जाएं तो सामने वाली टीम का क्या होगा। हालांकि ऐसा संभव नहीं है क्योंकि केपटाउन में पहले टेस्ट में दोनों ही टीमें तीन गेंदबाज, एक ऑलराउंडर और एक स्पिनर के साथ उतरना चाहेंगी।

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