कपीश दुबे (इंदौर)। आइपीएल के दूसरे चरण में धूमकेतू बनकर उभरे इंदौर के युवा बल्लेबाज वेंकटेश अय्यर ने शुक्रवार रात अपने बल्ले का कमाल दिखाते हुए प्रशंसकों का दिल जीता। मगर अफसोस रहा कि अन्य बल्लेबाजों से सहयोग न मिलने से उनकी टीम कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) ट्राफी नहीं जीत सकी। महेंद्र सिंह धौनी की टीम चेन्न्ई सुपर किंग्स (सीएसके) दुबई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में केकेआर को 27 रन से हराकर चौथी बार इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) का खिताब अपने नाम किया।

केकेआर के कप्तान इयोन मोर्गन ने टास जीतकर सीएसके को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। सीएसके ने ओपनर फाफ डुप्लेसिस के 86 रन की बदौलत तीन विकेट पर 192 रन बनाए। भारी-भरकम लक्ष्य का पीछा करते हुए केकेआर ने अच्छी श्ाुरुआत की। जब तक वेंकटेश विकेट पर थे, तब तक केकेआर मैच जीतती नजर आ रही थी, लेकिन वेंकटेश के जाते ही विकेटों की पतझड़ शुरू हो गई। केकेआर ने एक समय बिना विकेट खोए 91 रन बना लिए थे, लेकिन पचासा मारने के बाद जैसे ही वेंकटेश्ा का विकेट गिरा वैसे ही केकेआर की हालत खराब होती चली गई। केकेआर 20 ओवरों में नौ विकेट के नुकसान पर सिर्फ 165 रन बना सकी। श्ाुभमन गिल ने सबसे ज्यादा 51 रन बनाए जबकि सीएसके के लिए श्ाार्दुल ठाकुर ने सबसे ज्यादा तीन विकेट लिए।

आइपीएल में अय्यर की बल्लेबाजी का सफर

यूं बदली वेंकटेश ने केकेआर की किस्मत: केकेआर ने लीग के पहले सत्र में वेंकटेश को एक भी मैच नहीं खिलाया। तब टीम ने सात मैचों में से सिर्फ दो जीते और पांच हारे। टीम का प्लेआफ में पहुंचना भी मुश्किल था, मगर दूसरे चरण सात में से पांच मैच जीतकर प्लेआफ में जगह पक्की की। फिर एलिमिनेटर में आरसीबी को जबकि दूसरे क्वालिफायर में दिल्ली को हराया।

फायदे का सौदा: केकेआर ने वेंकटेश को मात्र 20 लाख रुपये के आधार मूल्य पर खरीदा था। उन्होंने करोड़ों में बिके खिलाड़ियों की चमक अपने बल्ले से फीकी कर दी। सिर्फ 10 मैचों में चार अर्धशतक के साथ 370 रन बनाए। अर्धशतक लगाने के मामले में वे लीग में सातवें स्थान पर हैं।

(फोटो: जश्न की तैयारी थी, लेकिन...: इंदौर के तिलक नगर स्थित वेंकटेश के घर पर जश्न की तैयारी थी। पड़ोसी इकट्ठा थे, लेकिन केकेआर की हार से सब निराश हो गए। हालांकि उन्हें संतोष था कि वेंकटेश ने अर्धशतक लगाया। नईदुनिया)

इंदौरी युवाओं के लिए याद किया जाएगा यह आइपीएल

आइपीएल का संस्करण इंदौरी युवाओं के लिए याद किया जाएगा। 26 साल के वेंकटेश अय्यर के अलावा इंदौर के 24 साल के आवेश खान ने भी नाम कमाया। दिल्ली कैपिटल्स के आवेश ने 16 मैचों में 24 विकेट चटकाए। वे लीग में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में दूसरे स्थान पर रहे। इस दौरान उन्होंने महेंद्र सिंह धौनी जैसे दिग्गज बल्लेबाजों को डगआउट की राह दिखाई। दिल्ली ने तमाम दिग्गज गेंदबाजों के बीच आवेश को हमेशा बतौर मुख्य गेंदबाज इस्तेमाल किया। शहर के 37 साल के अंपायर नितिन मेनन ने भी सटीक फैसलों से प्रभावित किया। उन्हें लगातार तीसरे साल फाइनल में जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

Posted By: Arvind Dubey