IPL 2021 के पहले मैच में भले ही रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को मुंबई इंडियंस के खिलाफ जीत मिल गई हो, लेकिन कप्तान विराट कोहली के कई फैसलों पर सवाल उठ रहे हैं। खास तौर पर बैटिंग ऑर्डर में कई ऐसे बदलाव भी जिनकी किसी को भी उम्मीद नहीं थी। ये तो कप्तान कोहली की किस्मत अच्छी रही कि आखिरी गेंद में रन बनाने का मौका मिल गया, वर्ना उन्हें अपने कई फैसलों के लिए पछताना पड़ सकता था।

RCB जैसी मजबूत टीम के लिए 20 ओवरों में 160 रनों का लक्ष्य कोई ज्यादा नहीं था। शायद यही सोचकर कप्तान कोहली ने वॉशिंगटन सुंदर को ओपनिंग के लिए भेज दिया। लेकिन ये एक्सपेरिमेंट फेल हो गया और वॉशिंगटन सुंदर जल्द ही पैवेलियन लौट गये। तीसरे नंबर पर विरोट कोहली ने रजत पाटीदार जैसे एक बिल्कुल नये खिलाड़ी को उतार दिया, जबकि उनके पास एबी डिविलियर्स और ग्लेन मैक्सवेल जैसे शानदार बल्लेबाज मौजूद थे। ट्रेंट बोल्ट ने इन्हें टिकने नहीं दिया और सिर्फ 8 रनों के स्कोर पर बोल्ड कर दिया।

जसप्रीत बुमराह और बोल्ट जैसे मंझे हुए गेंदबाजों के सामने विराट कोहली ने वॉशिंगटन सुंदर और रजत पाटीदार को क्यों भेज दिया, ये समझ से बाहर है। शायद पहले मैच को देखते हुए कोहली अपने बल्लेबाजों को परखना चाहते हों, लेकिन पहले मैच में ये कोशिश बेकार साबित हुई।

लगातार गिरते विकेटों के बावजूद नंबर 4 पर उन्होंने एबी डिविलियर्स को मौका देने के बजाए ग्लेन मैक्सवेल को बल्लेबाजी का मौका दिया। पिछले सीजन में मैक्सवेल, किंग्स इलेवन पंजाब के साथ थे और 11 पारियों में कुल 108 रन बनाये थे। इसमें एक भी छक्का शामिल नहीं था। लेकिन विराट कोहली का ये फैसला सही साबित हुआ। मैक्सवेल ने विराट के साथ मिल कर 52 रन जोड़े और टीम की जीत लगभग तय कर दी। मैक्सवेल ने 28 गेंदों में 39 रन बनाये, जिसमें 3 चौके और 2 छक्के शामिल हैं। इसके बाद 5वें नंबर पर उतरे डिविलियर्स ने मोर्चा संभाल लिया और टीम को जीत के मुहाने पर पहुंचा दिया।

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में विराट कोहली ने कहा - "मैक्सवेल को सोची-समझी रणनीति के तहत चौथे नंबर पर उतारा गया था। मुझे पता था कि मैक्सवेल को जमने के लिए 10-15 बॉल मिल जाए, तो वो पारी संभाल सकते हैं। इसलिए हमने मैक्सवेल को पिच पर ज्यादा समय देने का फैसला किया। अगर वो कुछ ओवर और टिक जाते, तो हम दो-चार ओवर पहले ही मैत जीत सकते थे।"

वहीं डिविलियर्स के लिए उन्होंने कहा कि वो ऐसे बल्लेबाज हैं, जो किसी भी नंबर पर उतर सकते हैं और शानदार पारी खेल सकते हैं। इसलिए उनकी ओर से हम निश्चिंत थे। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि अगर कोहली ने डिविलियर्स को नंंबर 3 या नंबर 4 पर उतारा होता, तो मैच का परिणाम कुछ और होता और ये ज्यादा समझदारी भरा निर्णय होता। कप्तान विरोट कोहली ने इस बार भले ही जीत हासिल कर ली हो, लेकिन किसी और टीम के साथ ऐसी चूक उन्हें भारी पड़ सकती है।

Posted By: Shailendra Kumar

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