रांची (एजेंसियां)। भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी रविवार को हुए झारखंड राज्य क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) के चुनाव में वोट नहीं दे पाए। धोनी का वोट नहीं दे पाना क्रिकेट जगत में काफी चर्चाओं में रहा। बता दें कि इन चुनावों में अमिताभ चौधरी के समर्थन वाले खेमे ने जीत हासिल की। कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. नफीस अख्तर ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की।

बता दें कि धोनी पिछली बार भी JSCA के चुनावों में वोट नहीं डाल पाए थे, जबकि सौरभ तिवारी, वरुण आरोन सहित कई युवा क्रिकेटरों ने यहां वोट डाले। धोनी द्वारा वोट नहीं डालने को लेकर अमिताभ चौधरी ने कहा - धोनी झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन के मानद सदस्‍य हैं और मानद सदस्‍य को वोट डालने का अधिकार नहीं होता। उन्होंने बताया कि धोनी ने कभी भी आजीवन सदस्य बनने की इच्छा नहीं जताई, यदि वे इसके लिए मांग रखते हैं तो नवगठित कमेटी तुरंत धोनी से मुलाकात कर उन्हें एसोसिएशन का आजीवन सदस्य बनाएगी। अमिताभ चौधरी वर्तमान में BCCI के सचिव हैं।

संविधान रोकता है वोटिंग से

दरअसल धोनी के वोट नहीं डाल पाने की वजह झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन का संविधान है। इसके मुताबिक एसोसिएशन के मानद सदस्‍यों को मतदान की पात्रता नहीं होती। मानद सदस्यों के अलावा बोर्ड की प्रशासक समिति (COA) और मौजूदा अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेटरों को भी वोट डालने की पात्रता नहीं होती। संविधान केवल पूर्व क्रिकेटरों और फर्स्‍ट क्‍लास क्रिकेटरों को ही अपने घरेलू बोर्ड के लिए वोट करने की पात्रता देता है। धोनी अभी भी इंटरनेशनल क्रिकेट खेल रहे हैं, ऐसे में उन्हें वोट डालने की पात्रता नहीं है।

पिछले चुनाव में भी उठा धोनी का मामला

JSCA के पिछले चुनावों में भी धोनी द्वारा वोट नहीं डाल पाने का मामला उठा था। तब एसोसिएशन के उपाध्‍यक्ष अजय नाथ शाह देव ने बताया कि धोनी को लेकर बात जरुर हुई थी लेकिन कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाया। बता दें कि धोनी को 3 साल पहले JSCA का मानद सदस्‍य बनाया गया था। वोट नहीं डाल पाने के चलते धोनी को एसोसिएशन को आजीवन सदस्य बनाने की मांग उठी थी। हालांकि धोनी की तरफ से इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।