मुंबई। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (CoA) ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) के क्रिकेट प्रमुख के रूप में राहुल द्रविड़ की नियुक्ति में 'हितों के टकराव' का कोई मामला नहीं बनता है ।

CoA के नए सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल रवि थोडगे ने कहा कि गेंद अब BCCI के लोकपाल एवं एथिक्स ऑफिसर डीके जैन के पाले में है। थोडगे ने कहा, 'राहुल के मामले में हितों का टकराव नहीं है। उन्हें नोटिस मिला था और हमने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी थी। हमें हितों का टकराव नहीं दिखा, लेकिन अगर लोकपाल को लगता है तो हम उन्हें अपना पक्ष स्पष्ट करेंगे। उसके बाद वे इस पर गौर करेंगे। यह एक प्रक्रिया है जो जारी रहेगी।'

MPCA के आजीवन सदस्य इंदौर के संजीव गुप्ता ने भारतीय क्रिकेट के मिस्टर भरोसेमंद द्रविड़ पर NCA में नियुक्ति के बाद हितों के टकराव का आरोप लगाया था, क्योंकि वे इंडिया सीमेंट्स के कर्मचारी हैं जो चेन्नई सुपर किंग्स टीम की मालिक है। द्रविड़ ने अपना जवाब जैन को भेज दिया है, लेकिन अभी यह पता नहीं चला है कि उन्होंने पद से इस्तीफा दिया है या नहीं। सीओए ने उनकी नियुक्ति के समय स्पष्ट किया था कि द्रविड़ को इंडिया सीमेंट्स के उपाध्यक्ष का पद छोड़ना होगा या कार्यकाल पूरा होने तक छुट्टी पर रहना होगा। द्रविड़ ने इंडिया सीमेंट्स से अवैतनिक अवकाश मांगा था।

गुप्ता ने इससे पहले सचिन तेंडुलकर और वीवीएस लक्ष्मण के खिलाफ भी हितों के टकराव मामले में शिकायत की थी। सौरव गांगुली के खिलाफ भी हितों के टकराव मामले में शिकायत हुई थी।