नई दिल्ली। महान क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर ने कहा कि आंसू दिखाने में कोई शर्म नहीं है। सचिन ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट कर कहा कि पुरुषों का रोना उनकी कमजोरी की निशानी समझा जाता था लेकिन इस मान्यता को खत्म कर देना चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय पुरुष सप्ताह के दौरान सचिन ने अपने संदेश में लिखा कि आंसू दिखाने में कोई शर्म नहीं है तो उसे क्यों छुपाना जो सचमुच में आपको मजबूत बनाता है। अपने आंसूओं को क्यों छिपाना। हमें बचपन से ही यही सिखाया जाता है कि पुरुषों को रोना नहीं चाहिए। रोना पुरुषों को कमजोर बनाता है। मैं यही मानकर बड़ा हुआ और यही वजह है कि मैं आज यह लिख रहा हूं कि मुझे अहसास है कि मैं गलत था। मेरे दर्द और मेरे संघर्ष की वजह से ही मैं आज यहां तक पहुंचा हूं। यही मुझे एक बेहतर पुरुष बनाता है।

46 साल के सचिन ने लिखा कि रोना कहीं से भी कमजोरी की निशानी नहीं है। अपना दर्द दिखाने के लिए बहुत हिम्मत की आवश्यकता होती है, लेकिन यह तय है कि इसकी वजह से आप ज्यादा बेहतर और मजबूत इंसान बनेंगे। पुरुषों को हौसला दिखाना चाहिए और इस बात से आगे बढ़ना चाहिए कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं।

उन्होंने लिखा कि कई बार ऐसा समय आता है जब समस्याओं का सामना करना पड़ता है और आंसू निकल आते हैं ये सामान्य सी बात है। ऐसा वक्त आता है जब आाप कहीं असफल हो जाते हैं तो आपका रोने का और अपने दिल को हल्का करने की इच्छा होती है। सचिन ने उस वक्त को याद किया जब वो क्रिकेट को अलविदा कह रहे थे और अपने फेयरवेल स्पीच के दौरान वो रो पड़े थे। मुझे पता था अब मैं मैदान पर कभी वापस नहीं आउंगा और ये सोचकर मेरा गला भर आया था। सब खत्म होने का भय मुझ पर हावी हो गया था। उस वक्त मेरे दिमाग में काफी कुछ चल रहा था और मैंने उसे रोकने की कोशिश नहीं की। मैंने दुनिया के सामने इसे आने दिया। सबसे अच्छी बात ये रही कि इसके बाद मुझे काफी हल्का महसूस हुआ। पूरी दुनिया के सामने अपनी भावनाओं का इजहार करके मुझे काफी सुकून मिला।

Posted By: Kiran Waikar