नई दिल्ली। Anil Kumble on Pariksha pe Charcha: PM Narendra Modi ने परीक्षाओं से पहले छात्र-छात्राओं के साथ 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के जरिए संवाद किया। PM Modi ने बच्चों को परीक्षा में बिना घबराए अच्छा करने को प्रेरित किया। इसके लिए PM Modi ने भारत के पूर्व कप्तान Anil Kumble, बल्लेबाज Rahul Dravid और VVS Laxman के उदाहरण दिए। PM Modi ने अपने संबोधन में Anil Kumble के टूटे जबड़े के बाद पट्टा बांधकर खेलने का उदाहरण दिया।

PM Modi द्वारा बच्चों को प्रेरित करने के लिए उदाहरण दिए जाने पर Anil Kumble ने खुशी जताई है। अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री द्वारा परीक्षा पर चर्चा में उल्लेख किए जाने पर मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं इसके लिए पीएम मोदी का शुक्रिया अदा करता हूं। साथ ही परीक्षाओं के लिए सभी बच्चों को शुभकामनाएं देता हूं। बता दें कि PM Narendra Modi ने अपने संबोधन में बच्चों को मोटिवेट करने के लिए Rahul Dravid, VVS Laxman और Anil Kumble के समर्पण का उदाहरण दिया।

कुंबले के बारे ये कहा था PM Modi ने

पीएम मोदी ने स्पिनर अनिल कुंबले के समर्पण का उदाहरण देते हुए कहा- साल 2002 में भारत की टीम वेस्टइंडीज खेलने गई थी, उस समय हमारे बेहतरीन गेंदबाज अनिल कुंबले को एक बाउंसर पर चोट लग गई थी। उनका पूरा जबड़ा टूट गया था। उनका दर्द आप समझ सकते हैं। स्थिति ये थी कि अनिल बॉलिंग कर पाएंगे या नहीं कर पाएंगे। लेकिन उन्होंने दर्द की परवाह नहीं की, रोते नहीं बैठे। यदि वो नहीं भी खेलते तो देश उनको दोष नहीं देता.. लेकिन उन्होंने तय किया कि ये मेरी जिम्मेदारी है। उन्होंने पट्टियां बांधी और मैदान में उतरे। आपको पता होगा कि उस समय लारा का विकेट लेना बड़ा अचीवमेंट था। अनिल ने लारा का विकेट लेकर पूरे मैच का रूख पलट दिया.. यानी एक व्यक्ति का संकल्प और लोगों के मोटिवेशन का भी कारण बन जाता है। बता दें कि उस सीरीज में इंडीज के तेज गेंदबाज मरवन डिल्‍लन की गेंद बल्लेबाजी करते समय कुंबले को जबड़े पर लगी थी। इसके बाद भी कुंबले ने न केवल बल्‍लेबाजी की पर बाद में पट्टी बांधकर गेंदबाजी करते हुए लारा का महत्वपूर्ण विकेट भी लिया था।

द्रविड़-लक्ष्मण का भी जिक्र किया

पीएम मोदी ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2001 में खेले गए ऐतिहासिक कोलकाता टेस्ट का जिक्र करते हुए वीवीएस लक्ष्‍मण और राहुल द्रविड़ की साझेदारी का उदाहरण देते हुए सकारात्मक सोच पैदा करने के लिए प्रेरित किया। पीएम ने कहा- 2001 में कोलकाता में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के सामने भारत की स्थिति खराब थी। इंडिया के एक के बाद एक विकेट गिर रहे थे और सारा माहौल डिमोटिवेशन का था। लेकिन आपको याद होगा राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण ने उस दिन पिच पर कमाल कर दिया। दोनों ने पूरे दिन बैटिंग की और सारी परिस्थितियों को उलट कर रख दिया। इतना ही नहीं वो मैच जीतकर भी आ गए। केवल एक संकल्प ने हार को जीत में बदल दिया। इस पर बच्चों ने जमकर तालियां बजाई।

Posted By: Rahul Vavikar

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