नई दिल्ली। Pariksha Pe Charcha: PM Narendra Modi ने देशभर के छात्र-छात्राओं से 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के जरिए संवाद किया। PM Modi ने इस दौरान छात्रों को संबोधित भी किया और उनके सवालों के जवाब भी दिए। इस दौरान उन्होंने बच्चों को क्रिकेट और क्रिकेटरों के उदाहरण देकर मोटिवेट किया। PM मोदी ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए ऐतिहासिक कोलकाता टेस्ट का जिक्र किया। उन्होंने बच्चों को दिया Rahul Dravid, VVS Laxman और Anil Kumble के समर्पण का उदाहरण दिया।

द्रविड़-लक्ष्मण का दिया उदाहरण

दिल्ली के तालकटोरा इनडोर स्टेडियम में हो रहे 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को सकारात्मक सोच पैदा करने के लिए प्रेरित किया। इसके लिए पीएम मोदी ने बच्चों को क्रिकेटर राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण का उदाहरण दिया। पीएम ने कहा- 2001 में कोलकाता में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मैच खेला गया। उस मैच में ऑस्ट्रेलिया के सामने भारत की स्थिति खराब थी। इंडिया के एक के बाद एक विकेट गिर रहे थे। सारा माहौल डिमोटिवेशन का था। ऑडिएंस भी अपना गुस्सा जता रहे थे, जबकि उन्हें पता होना चाहिए कि खेलने वाले उनके अपने देश के खिलाड़ी हैं।

इसी दौरान पीएम मोदी ने राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण का जिक्र किया। उन्होंने कहा- आपको याद होगा राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण ने उस दिन पिच पर जो कमाल किया। ऐसे धीरे धीरे शाम तक खेल को खींचते चले गए सारी परिस्थिति को उलट कर दिया। इतना ही नहीं वो मैच जीतकर भी आ गए। पूरा माहौल डिमोटिवेशन का था लेकिन एक संकल्प ने हार को जीत में बदल दिया। इस पर बच्चों ने जमकर तालियां बजाई।

ये हुआ था कोलकाता टेस्ट में

बता दें कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुंबई में खेला गया सीरीज का पहला टेस्ट भारत हार गया था। जबकि कोलकाता के दूसरे टेस्ट में भारतीय टीम ईडन गार्डन्स में फॉलोऑन खेल रही थी। पहली पारी में टीम इंडिया विपक्षी ऑस्ट्रेलिया के 445 रनों के जवाब में 171 रनों पर ऑलआउट हो गई थी। तीसरे दिन के खेल की समाप्ति पर भारत का स्कोर 4 विकेट पर 254 रन था और वो ऑस्ट्रेलिया से अब भी 20 रन पीछे था। इस समय मैच के चौथे दिन राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण ने पूरा दिन बल्लेबाजी की और भारत ने एक भी विकेट नहीं खोया।

लक्ष्मण और द्रविड़ ने 5वें विकेट के लिए कुल 376 रनों की भागीदारी की। लक्ष्मण ने 281 और द्रविड़ ने 180 रन बनाए। भारत ने अपनी फॉलोआन पारी 7 विकेट पर 657 रन पर घोषित की और ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 384 रनों का लक्ष्य मिला। लेकिन ऑस्ट्रेलिया को दूसरी पारी में 212 रन पर आउट कर भारत ने ये टेस्ट 171 रनों से जीता था। दूसरी पारी में युवा हरभजन सिंह ने 6 और सचिन तेंडुलकर ने 3 विकेट लिए थे। भारत ने न केवल ये मैच जीता बल्कि बाद में सीरीज भी जीती। साथ ही इस जीत के साथ टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के लगातार 16 मैचों की जीत के सिलसिले को रोक दिया था।

कुंबले का भी जिक्र किया

पीएम मोदी ने द्रविड़ और लक्ष्मण के अलावा स्पिनर अनिल कुंबले के समर्पण का भी उदाहरण किया। पीएम मोदी ने कहा- साल 2002 में भारत की टीम वेस्टइंडीज खेलने गई थी, उस समय हमारे बेहतरीन गेंदबाज अनिल कुंबले को एक बाउंसर पर चोट लग गई थी। उनका पूरा जबड़ा टूट गया था। उनका दर्द आप समझ सकते हैं। स्थिति ये थी कि अनिल बॉलिंग कर पाएंगे या नहीं कर पाएंगे। लेकिन उन्होंने दर्द की परवाह नहीं की, रोते नहीं बैठे। यदि वो नहीं भी खेलते तो देश उनको दोष नहीं देता.. लेकिन उन्होंने तय किया कि ये मेरी जिम्मेदारी है। उन्होंने पट्टियां बांधी और मैदान में उतरे। आपको पता होगा कि उस समय लारा का विकेट लेना बड़ा अचीवमेंट था। अनिल ने लारा का विकेट लेकर पूरे मैच का रूख पलट दिया.. यानी एक व्यक्ति का संकल्प और लोगों के मोटिवेशन का भी कारण बन जाता है।

Posted By: Rahul Vavikar

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