इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के एक और शानदार सीजन के बावजूद संजू सैमसन को बीसीसीआई द्वारा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली आगामी घरेलु टी-20 सीरीज के लिए घोषित टीम में जगह नहीं मिली है. मजे की बात ये है कि चयन समिति को 18 खिलाड़ियों के जंबो स्क्वाड में भी संजू कहीं फिट बैठते नजर नहीं आते. इसमें कोई दो राय नहीं कि सैमसन, पिछले कुछ सीजन से आईपीएल में लगातार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में से एक रहे हैं, और टी-20 सेटअप का हिस्सा बनने के योग्य हैं।

संजू आईपीएल के अब तक के सीजन में एक स्पष्ट दृष्टिकोण के साथ बेहद प्रभावशाली खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने मिडिल ऑर्डर्स में अपना दबदबा क़याम रखा है, और आंकड़े बताते हैं कि मिडिल ओवर्स के दौरान खेलते हुए संजू में 31 पारियों में 156.13 के स्ट्राइक रेट से 815 रन बनाएं हैं. हमें ये भी नहीं भूलना चाहिए कि उन्होंने डेथ ओवर्स की चुनौतियों का खूब आनंद लिया है और एक यादगार पारी के रूप में 225 के स्ट्राइक रेट से 20 गेंदों पर 45 रन बनाकर सनसनी फैला चुके हैं।

2020 के बाद से संजू ने टी-20 क्रिकेट में रन चार्ट पर टॉप 3 में अपना दबदबा कायम रखा है, सैमसन 154.39 की सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइक रेट के साथ चार्ट में दूसरे स्थान पर है, जिसमें 30 पारियों में 474 रन हैं। उन्होंने अब तक तीन शतक (119, 102*, और 102) और 16 अर्द्धशतक लगाए हैं। जहां तक ​​इस पूरे आईपीएल सीजन की बात है तो सैमसन के 298 रन क्रमश: 33.11 और 153.60 के औसत व स्ट्राइक रेट से राजस्थान के दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। आंकड़े गवाही देते हैं कि वह एक विश्वसनीय खिलाड़ी हैं। संजू ने कई बार अकेले दम पर अपनी टीम को जीत तक पहुंचाया है। 'भारत में सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज' के रूप में प्रसिद्ध, सैमसन ने समय-समय पर विरोधी टीम के खिलाफ अपनी जबरदस्त और तूफानी पारी से दबाव में खेलने की अपनी क्षमता साबित की है।

कुछ समय पहले ही, रोहित शर्मा ने सैमसन की बल्लेबाजी की सराहना की थी कि कैसे उनकी पारी देखने के लिए हर कोई उत्साही रहता है। रोहित ने यहां तक ​​​​कहा कि उन्हें लगता है कि इस साल के अंत में टी-20 विश्व कप के दौरान ऑस्ट्रेलिया में सैमसन की "शॉट बनाने की काबिलियत" महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। उनके पास शानदार बैक-फुट गेम है, और उनके शॉट, विशेष रूप से पिक-अप पुल, कट शॉट, खड़े होकर गेंदबाज को सिर के ऊपर से बाउंड्री पार पहुंचाना, वाकई में लाजवाब है। इस तरह के नाटकीय शॉट खेलने के लिए ऑस्ट्रेलिया के मैदान सबसे उपयुक्त हैं, और सैमसन वास्तव में ये गुण अपने पास रखते हैं। ऐसे शॉट खेलना आसान नहीं होता और इसलिए सैमसन को टीम के लिए अहम माना जाता है। इस महत्वपूर्ण समय में ऐसे असाधारण खिलाड़ी को भारतीय टीम से हटते हुए देखना बेहद दुखद है।

बीसीसीआई की घोषणा के तुरंत बाद, हर्षा भोगले जैसे प्रशंसकों, समर्थकों और आलोचकों ने ट्विटर पर अपनी निराशा व्यक्त की कि सैमसन जैसे शानदार खिलाड़ी को क्यों नहीं चुना गया। सोशल मीडिया यूजर्स ने बीसीसीआई के कमेंट सेक्शन में बाढ़ सी ला दी और सवाल खड़े किये कि सैमसन ने टीम में जगह क्यों नहीं बनाई।

इस मुद्दे पर हम कोई मदद नहीं कर सकते लेकिन, इस तथ्य से पूरी तरह सहमत हैं कि वह पूरी तरह भारतीय टीम में होने के योग्य हैं, और उनके लगातार प्रदर्शन के बावजूद उनका टीम इंडिया से बाहर होना, काफी अनुचित है।

Posted By: Arvind Dubey

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