पोर्ट ऑफ स्पेन (एजेंसियां)। वेस्टइंडीज के दौरे पर जिस खिलाड़ी पर सभी की निगाहें थी वो भारतीय विकेटकीपर रिषभ पंत है। आईपीएल 2019 में अपने धमाकेदार प्रदर्शन से पंत ने सभी का ध्यान आकर्षित किया और वे वर्ल्ड कप भी खेले।

वे मानते हैं कि वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सीखने के दौर से गुजर रहे हैं और हर दिन बतौर क्रिकेटर और इंसान सुधार करना चाहते हैं। दरअसल उन्हें महेंद्र सिंह धोनी के रिप्लेसमेंट के तौर पर देखा जा रहा है। लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ हुई टी-20 सीरीज और वनडे के सीरीज के एक मैच में पंत उम्मीद के मुताबिक नहीं खेल पाए।

टीम इंडिया का अब बेहद व्यस्त सीजन है और टीम को लगातार एक के बाद एक सीरीज और टूर्नामेंट खेलना है। मीडिया से चर्चा में पंत ने कहा - मेरे लिए प्रत्येक मैच, हर टूर्नामेंट महत्वपूर्ण है। ये केवल अगले 6 महीने का मामला नहीं है, ये मेरे करियर, मेरे जीवन का सवाल है। मैं खिलाड़ी के तौर पर और इंसान के रूप में लगातार सुधार करना चाहता हूं। मैं इसे लेकर उत्सुक हूं और अपनी तरफ से कोशिश भी कर रहा हूं।

वेस्टइंडीज के खिलाफ समाप्त हुई 3 मैचों की टी-20 सीरीज में पंत केवल एक अर्द्धशतक लगा पाए। इसके अलावा उन्होंने लगभग हर बार गलत शॉट खेलकर अपना विकेट गंवाया। आउट होने के तरीके को लेकर उनकी लगातार आलोचना होती रही है और वेस्टइंडीज के खिलाफ भी ये आलोचना जारी है। इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा- एक बल्लेबाज के रूप में सच कहूं तो मैं हर बार बड़ी पारी खेलना चाहता हूं, लेकिन मैं जब भी क्रीज पर उतरता हूं तो बड़ी पारी पर मेरा ध्यान होता। मैं सिर्फ रन बनाने पर ध्यान देता हूं। ये सही है कि मैंने जमने के बाद अपना विकेट गंवाया, लेकिन मैं सामान्य होकर खेलना चाहता हूं। मैं परिस्थितियों को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहता। इसी प्रक्रिया में मैं आउट हो जाता हूं। लेकिन मैं इस पर काम कर रहा हूं और एकाग्र होकर बल्लेबाजी पर भी ध्यान दे रहा हूं।

पंता ने माना कि उन्हें इस बात की खुशी है कि टीम प्रबंधन प्रत्येक खिलाड़ी का समर्थन कर रहा है और उन्हें पर्याप्त मौके दे रहा है। पंत ने कहा- हम प्रयोग नहीं कर रहे, क्योंकि हम टीम में शामिल सभी खिलाड़ियों को मौका दे रहे हैं। सभी को पर्याप्त मौके मिल रहे हैं। सभी अपनी स्थिति को लेकर आश्वस्त हैं क्योंकि टीम प्रबंधन उनका समर्थन कर रहा है। उन्होंने कहा - वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में हारना बेशक निराशाजनक था, लेकिन यह आगे बढ़ने का समय है। पेशेवर खिलाड़ी के रूप में हमें पता है कि हम खराब नहीं खेले। हम जानते हैं कि हम जितना ज्यादा क्रिकेट खेलेंगे, उतना ही हमें सीखने को मिलेगा और हम अपने में सुधार करेंगे।