लाहौर (एजेंसियां)। पाकिस्तान ने जब श्रीलंंका से 3 मैचों की वनडे सीरीज जीतीं तो लगा कि ये दौरा एकतरफा साबित होगा, लेकिन नए खिलाड़ियों से सजी श्रीलंकाई टीम ने सारे समीकरण बदल दिए। श्रीलंका ने वनडे सीरीज के बाद हुई 3 मैचों की टी20 सीरीज 3-0 से जीतीं। ये हार पाकिस्तान के लिए इतनी शर्मनाक साबित हुई कि इसकी गूंज पाकिस्तान के संसद में भी गूंजी। इतना ही नहीं कप्तान सरफराज अहमद से लेकर खिलाड़ी और हेड कोच मिस्बाह उल हक तक फैंस के निशाने पर आ गए। इसी बीच पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश कर सरफराज अहमद को पाकिस्तान क्रिकेट टीम की कप्तानी से हटाने की मांग तक की गई।

बता दें कि श्रीलंका ने टी20 सीरीज में पाकिस्तान का सूपड़ा साफ कर दिया। जबकि पाकिस्तान को दुनिया की नंबर टी20 टीम की रैंकिंग हासिल है। श्रीलंका के हाथों मिली इस शर्मनाक हार के बाद पाकिस्तान में सड़क से लेकर संसद तक हंगामा मचा हुआ है।

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की विधानसभा में मुस्लिम लीग नवाज के विधायक मलिक इकबाल जहीर ने प्रस्ताव पेश किया। इसमें कहा गया है कि पंजाब विधानसभा श्रीलंका के खिलाफ टी 20 सीरीज में पाकिस्तान के सफाए पर "गहरे अफसोस और गुस्से" का इजहार करती है। टी 20 फॉर्मेट की नंबर एक टीम अपने से कहीं कम रैंकिंग वाली टीम से शर्मनाक हार मिली। इस शिकस्त के कारण पाकिस्तानी कौम में गम और गुस्सा है। प्रस्ताव में मांग की गई है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख श्रीलंका के हाथों मिली इस शर्मनाक हार की जांच कराएं। साथ ही अब सरफराज को कप्तान पद से तुरंत हटाया जाना चाहिए।

बता दें कि श्रीलंकाई टीम यहां अपने प्रमुख खिलाड़ियों के बिना आई है। लसिथ मलिंगा, एंजेलो मैथ्यूज सहित 10 सीनियर खिलाड़ियों ने सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान आने से इंकार कर दिया था। इसके बाद श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने अधिकांश गैर अनुभवी और नए खिलाड़ियों की टीम पाकिस्तान भेजी। वनडे सीरीज में तो पाकिस्तान ने 2-0 से जीत दर्ज की, लेकिन टी20 सीरीज में श्रीलंका ने जबर्दस्त वापसी करते हुए पाकिस्तान की टीम का सफाया कर दिया। सीरीज के तीनों मैचों में पाकिस्तानी बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप रही और तीनों ही मैच में वो निर्धारित लक्ष्यों को हासिल नहीं कर पाया।