नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के 'दादा' सौरव गांगुली अब नई भूमिका में नजर आएंगे। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान गांगुली अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के नए अध्यक्ष होंगे। अध्यक्ष पद के लिए एकमात्र नामांकन सिर्फ गांगुली ने ही भरा है इसलिए उनका निर्विरोध चुना जाना तय है।

गांगुली ने इंटरनेशनल डेब्यू 11 जून 1992 को ब्रिस्बेन में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मैच के दौरान किया। वे इस मैच में असफल रहे और उन्हें टीम इंडिया में वापसी के लिए 4 साल तक इंतजार करना पड़ा। उन्होंने धमाकेदार अंदाज में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया। लॉर्ड्स में डेब्यू टेस्ट में उन्होंने शतक लगाया और इसके बाद नॉटिंघम टेस्ट में भी 136 रन बना डाले। इंग्लैंड में जहां भारतीय बल्लेबाजों को खेलने में परेशानी होती है उन पिचों पर धमाकेदार बल्लेबाजी कर गांगुली छा गए।

गांगुली के करियर का टर्निंग पाइंट

गांगुली मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते थे लेकिन अक्टूबर 1996 में टाइटन कप के दौरान उन्हें सचिन तेंडुलकर के साथ पारी की शुरुआत करने को भेजा गया। इसके बाद तो इस जोड़ी ने क्रिकेट में इतिहास रच दिया। ओपनिंग के लिए उतरना गांगुली के करियर के लिए टर्निंग पाइंट साबित हुआ।

ऐसे कप्तान जिन्होंने भारतीय टीम को टीम इंडिया बनाया

गांगुली को भारतीय टीम की कमान विषम परिस्थितियों में मिली थी लेकिन वे इससे विचलित नहीं हुए। उन्होंने आक्रामक रूख अपनाया और युवा जांबाजों की टीम तैयार की। उन्होंने खिलाड़ियों में ऐसा जोश भरा कि वे किसी भी टीम के खिलाड़ी का उसी की शैली में सामना करने लगे। उनके नेतृत्व में भारतीय टीम की दशा और दिशा बदली और वह टीम इंडिया बन गई।

ग्रेग चैपल से विवाद

सौरव गांगुली की वजह से ही ऑस्ट्रेलिया के ग्रेग चैपल को भारतीय टीम का कोच नियुक्त किया गया था लेकिन बाद में गांगुली के उनके साथ संबंध बिगड़ गए। इस विवाद की वजह से उनका खेल प्रभावित हुआ और उन्हें न केवल कप्तानी गंवानी पड़ी बल्कि टीम से भी बाहर होना पड़ा।

गांगुली का इंटरनेशनल करियर

भारत के सफल कप्तानों में शामिल गांगुली ने 113 टेस्ट मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व कर 42.17 की औसत से 7212 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान 16 शतक और 35 अर्द्धशतक भी लगाए। उन्होंने 311 वनडे मैचों में 41.02 की औसत से 11363 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 22 शतक और 72 फिफ्टी लगाई। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 32 और वनडे में 100 विकेट भी लिए।

क्रिकेट प्रशासन से जुड़ाव

बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष जगमोहन डालमिया को गांगुली को क्रिकेट के प्रशासन में लाने का श्रेय जाता है। गांगुली के क्रिकेट से संन्यास के बाद डालमिया ने उन्हें बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन (CAB) से जोड़ा। डालमिया के निधन के बाद गांगुली सीएबी के प्रमुख बने। कुछ दिनों पहले ही उन्हें दूसरी बार CAB का निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया था। गांगुली भले ही बीसीसीआई के निर्विरोध अध्यक्ष बन रहे हैं लेकिन यह राह इतनी आसान नहीं थी। एक दिन पहले तक ब्रजेश पटेल इस पद के प्रबल उम्मीदवार माने जा रहे थे लेकिन पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के प्रयासों की वजह से यह गद्दी गांगुली को मिल गई जबकि पटेल अब आईपीएल कमिश्नर होंगे।

इस तरह भारतीय टीम की कमान चुका यह दिग्गज (गांगुली) अब BCCI प्रमुख के रूप में नई पारी की शुरुआत करने जा रहा है।

Posted By: Rahul Vavikar