जोहानसबर्ग (एजेंसियां)। रंगभेद के चलते ही दक्षिण अफ्रीकी टीम को करीब 21 सालों का निलंबन झेलना पड़ा। लेकिन अब एक बार फिर ये मुद्दा उठा है और इसके चलते अफ्रीकी क्रिकेट में भूचाल आ गया है। मामले का खुलासा होने के बाद इस पूरे मामले की जांच शुरू की गई है।

बता दें कि दक्षिण अफ्रीका के घरेलू टूर्नामेंट के दौरान वॉरियर्स टीम के खिलाफ चार दिवसीय फर्स्ट क्लास मैच में कोबरा टीम ने अपने दो अश्वेत खिलाड़ियों को खेलने का मौका दिया। जबकि नियम 3 अश्वेत खिलाड़ियों को मैच में खिलाने का है।

गौरतलब है कि दक्षिण अफ्रीका में घरेलू सीरीज में बोर्ड के बदलाव के लक्ष्य को पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई गई थी। इन परिवर्तनों को मैदान में लागू भी करना था जिसके तहत घरेलू मैचों के लिए हर टीम के अंतिम 11 खिलाड़ियों में 6 अश्वेत खिलाड़ियों को जगह देने की अपेक्षा रखता है जिसमें 3 अफ्रीकी मूल के अश्वेत खिलाड़ी हों। लेकिन यहां घरेलू क्रिकेट में इस नियम का पालन नहींं किया गया।

कोबरा टीम ने इस मुकाबले में थांडो एन्टिनी और क्लांडी बोकाको नामक दो अश्वेत खिलाड़ियों को मौका दिया। जबकि तीसरे खिलाड़ी अखोना एमनियाका को मैदान में नहीं उतारा। अखोना को पहले टीम में शामिल किया गया था, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं दी गई। मामले का खुलासा होने के बाद अब क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने जांच का फैसला किया है। खास बात ये रही कि टूर्नामेंट में भाग ले रही अन्य सभी पांचों टीमें अफ्रीकी मूल के अश्वेत खिलाड़ियों की जरूरी संख्या के साथ मैदान में उतरी।

उधर कोबरा टीम प्रबंधन ने बताया कि उसने क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका को लिखित में स्पष्टीकरण दे दिया है। इसके अलावा फ्रेंचाइजी ने इस मामले में और कोई टिप्पणी नहीं की है। वहीं क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने साफ किया कि उसने मामले की जांच शुरू कर दी है और जांच पूरी होने के बाद ही फैसला किया जाएगा। बोर्ड ने कहा - हमें वेस्टर्न केप क्रिकेट से इस मामले में कोबरा टीम की ओर से लिखित स्पष्टीकरण मिल गया है। इस मामले की आगे जांच की जा रही है और फैसले तक पहुंचने के लिए हम सभी प्रकार की जानकारी इकट्ठा करेंगे।

दक्षिण अफ्रीका के लिए ये काफी गंभीर मसला हो गया है क्योंकि दो महीनों में ये दूसरा मौका है जब वेस्टर्न प्रॉविंस और क्रिकेट साउथ अफ्रीका आमने-सामने हुए हैं। पिछले महीने दक्षिण अफ्रीकी बोर्ड ने आर्थिक और प्रबंधन के मुद्दे पर वेस्टर्न प्रॉविंस क्रिकेट एसोसिएशन को निलंबित कर दिया था। एसोसिएशन द्वारा इस निलंबन को कोर्ट में चुनौती दी गई है और मामला चल रहा है।

Posted By: Rahul Vavikar