मुंबई। Sunil Gavaskar backs Rishabh Pant: भारत ने बांग्लादेश से 3 मैचों की टी20 सीरीज 2-1 से जीती। इस सीरीज में जहां रोहित शर्मा, शिखर धवन जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों ने तो परफॉर्म किया ही, लेकिन श्रेयस अय्यर, दीपक चाहर, शिवम दुबे जैसे युवाओं ने प्रभावी प्रदर्शन किया। लेकिन खराब फॉर्म के चलते रिषभ पंत की आलोचना जारी है। इन सबके बीच पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने रिषभ का सपोर्ट किया है।

गावस्कर ने कहा कि रिषभ को लेकर टीम मैनेजमेंट, बोर्ड और चयनकर्ताओं ने अलग प्लानिंग की है। सभी की नजरों ने रिषभ पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के सबसे बेहतर विकल्प हैं। इसी वजह से रिषभ को तीनों फॉर्मेट के लिए तैयार किया जा रहा है। ये सच है कि रिषभ को असफलता के बावजूद ज्यादा मौके दिए जा रहे हैं, लेकिन ये चयनकर्ताओं के सोचने का विषय है।

गावस्कर ने कहा- रिषभ थैंकलेस जॉब कर रहे हैं और उन्हें खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त मौके दिए जाने चाहिए। क्रिकेट में दो-तीन थैंकलेस जॉब होते हैं, इनमें अंपायरों का काम भी शामिल है। अगर वह 9 फैसले सही देते हैं और एक गलत हो जाता है तो लोग सिर्फ गलत फैसले के बारे में ही बात करते हैं। ऐसा ही विकेटकीपर का भी काम होता है। विकेटकीपर 95 फीसदी सही खेल और फैसले करे तो उसकी कोई चर्चा नहीं होती, लेकिन उसकी एक गलती पर हंगामा मच जाता है। ऐसा ही रिषभ के साथ भी हो रहा है। रिषभ अच्छी विकेटकीपिंग कर रहे हैं, लेकिन उनके मौके चूकने की चर्चा ज्यादा हो रही है।

बता दें कि रिषभ को सपोर्ट कम और आलोचना ज्यादा हो रही है। हालांकि कप्तान रोहित शर्मा ने पिछले दिनों कहा था कि पूरी टीम रिषभ के सपोर्ट में है और उन्हें अकेला छोड़ दिया जाए। वे जैसा कर रहे हैं वो टीम की रणनीति का हिस्सा है। आलोचक उन पर से अपनी नजरें हटा लें। ताकि वे बिना दबाव के खेल पाएं।

गावस्कर ने भी कहा- रिषभ फिलहाल काफी ज्यादा दबाव में हैं और इसी दबाव के चलते वे परफॉर्म नहीं कर पा रहे हैं। इसी तरह की स्थिति पहले सलामी बल्लेबाज शिखर धवन के साथ भी रही। इस सीरीज में शिखर के स्ट्राइक रेट की काफी आलोचना हुई, लेकिन वे टीम की जरुरत के हिसाब से खेले। गावस्कर ने आगे कहा- यहां सभी पर दबाव है, सभी को पर्याप्त मौके दिए जाने चाहिए। लेकिन ये तय करने का काम चयनकर्ताओं का है। चयनकर्ता ही अच्छे से जानते हैं कि उनकी प्लानिंग के लिहाज से क्या सही है, क्या गलत। क्योंकि ये प्लानिंग टीम के साथ बैठकर की जाती है। इसमें सभी की सहमति ली जाती है। ऐसे में यदि कोई खिलाड़ी नाकाम होता है तो उसे भी रणनीति का ही हिस्सा माना जाना चाहिए।

फिलहाल बता दें कि रिषभ को धोनी के विकल्प के तौर पर तैयार करने की बात की जा रही है। लेकिन रिषभ को लगातार अच्छी शुरुआत के बाद गैर जिम्मेदारान शॉट खेलकर आउट होने के चलते आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

Posted By: Rahul Vavikar