नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ कोच पद के लिए नजरअंदाज किए गए लालचंद राजपूत ने सोमवार को बल्लेबाजी कोच के पद के लिए इंटरव्यू दिया। एमएसके प्रसाद की अध्यक्षता वाली चयन समिति टीम इंडिया के कोचिंग सपोर्ट स्टाफ के लिए दावेदारों के इंटरव्यू ले रही हैं।

बल्लेबाजी कोच के लिए 57 वर्षीय राजपूत के दावेदारी पेश करने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। पूर्व टेस्ट बल्लेबाज विक्रम राठौर को पहले से ही संजय बांगर की जगह लेने के लिए मजबूत दावेदार माना जा रहा था। एक बार फिर से टीम के मुख्य कोच चुने गए रवि शास्त्री ने मौजूदा सहयोगी सदस्यों को बरकरार रखने की ओर इशारा किया, जिससे यह माना जा रहा कि गेंदबाजी कोच भरत अरुण और क्षेत्ररक्षण कोच आर श्रीधर का दावा काफी मजबूत रहेगा।

मौजूदा बल्लेबाजी कोच बांगर को हालांकि कड़ी चुनौती मिलेगी, क्योंकि सबसे ज्यादा आवेदन इस पद के लिए आए हैं। सहयोगी सदस्यों के चयन की पूरी प्रक्रिया गुरुवार तक चलने की संभावना है। इस दौरान बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण कोच के साक्षात्कार लिए जाएंगे। बीसीसीआई ने बांगर, अरुण, श्रीधर और टीम के प्रशासनिक प्रबंधक सुनील सुब्रमण्यम का करार 45 दिनों के लिए बढ़ा दिया था। बल्लेबाजी कोच के लिए प्रवीण आमरे, मुंबई के दिग्गज अमोल मजूमदार और सौराष्ट्र के सितांशु कोटक ने भी दावेदारी पेश की है। भारत के पूर्व बल्लेबाज ऋषिकेश कानिटकर और दिल्ली के पूर्व बल्लेबाज मिथुन मिन्हास भी पांच सदस्यीय पैनल के समक्ष साक्षात्कार के लिए उपस्थित हुए।

गेंदबाजी कोच के लिए पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद, पारस महाम्ब्रे और अमित भंडारी ने इंटरव्यू दिए। पिछले सप्ताह कपिल देव की अगुआई वाली क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने 2021 टी-20 विश्व कप तक के लिए रवि शास्त्री को फिर से भारतीय टीम का मुख्य कोच चुना था। तीन सदस्यीय सीएसी में कपिल के अलावा पूर्व भारतीय कोच अंशुमन गायकवाड़ और पूर्व महिला कप्तान शांता रंगास्वामी शामिल थे।

मुख्य कोच के चयन के बाद सीएसी ने कहा कि टीम के सहयोगी सदस्यों के चयन में भी इस समिति की भूमिका होनी चाहिए, लेकिन बीसीसीआई का संविधान इसकी अनुमति नहीं देता है। मापदंड के अनुसार बल्लेबाजी, गेंदबाजी, और क्षेत्ररक्षण कोच के लिए दावेदारी करने वाले के पास कम से कम 10 टेस्ट या 25 वन-डे मैच का अनुभव होना चाहिए और उसकी उम्र 60 साल से कम होनी चाहिए। सहयोगी सदस्यों का चयन का क्रम मंगलवार को भी जारी रहेगा।