नई दिल्ली। सचिन तेंडुलकर ने बीसीसीआई के इस बयान का खंडन किया उनके कथित हितों के टकराव का मामला सुविधाजनक कैटेगरी में आता है। तेंडुलकर ने बोर्ड के लोकपाल को भेजे जवाब में वर्तमान स्थिति के लिए बीसीसीआई को जिम्मेदार ठहराया।

बीसीसीआई क्रिकेट सलाहकार समिति में शामिल होने के साथ ही मुंबई इंडियंस के आईकन होने की वजह से सचिन पर उंगलियां उठाई जा रही हैं। सचिन ने बीसीसीआई लोकपाल डीके जैन को भेजे 13 बिंदुओं के जवाब में इस मामले में स्पष्टीकरण के लिए प्रशासकों की समिति के प्रमुख विनोद राय और सीईओ राहुल जौहरी से बात करने का अनुरोध किया।

बीसीसीआई के संविधान के अनुसार सुविधाजनक हितों के टकराव में हितों को पूरी तरह घोषित करने की सुविधा प्रदान की गई हैं। क्रिकेट सलाहकार समिति के तीनों सदस्यों तेंडुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण को लोकपाल एवं एथिक्स ऑफिसर डीके जैन ने नोटिस भेजे थे। इन तीनों ने किसी भी तरह के हितों के टकराव की बात को नकारा है।

तेंडुलकर को इस बात पर आपत्ति है कि बीसीसीआई उनके मामले को सुविधाजनक हितों के टकराव के रूप में देख रहा है। लक्ष्मण की तरह सचिन ने भी कहा कि क्रिकेट सलाहकार समिति में उनकी नियुक्ति के बार में बीसीसीआई सीईओ या प्रशासकों की समिति ने उन्हें कुछ भी स्पष्ट तौर पर नहीं बताया था। सचिन ने अपनी भूमिका के बारे में बोर्ड से कई बार जानना चाहा लेकिन उन्हें अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।

उन्होंने कहा, बीसीसीआई जानता है कि यह क्रिकेट सलाहकार समिति सिर्फ सलाह देती हैं और मुंबई इंडियंस के आईकन की भूमिका व्यवहारिक रूप से किसी प्रकार का हितों का टकराव नहीं है। उन्होंने यह भी लिखा कि वे राष्ट्रीय अंडर-19 सिलेक्टर्स के चयन की प्रक्रिया में भी शामिल नहीं थे क्योंकि उनका बेटा अर्जुन टीम में चुने जाने के लिए दावेदारों में शामिल था।

Posted By: Kiran Waikar