लंदन (एजेंसियां)। आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल में इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को हराकर अपना पहला खिताब जीता। लेकिन उसकी ये जीत विवादों में घिरती नजर आ रही है। फाइनल मैच में अंपायरों के कुछ फैसले तो विवादास्पद रहे ही, लेकिन मैच के बेहद महत्वपूर्ण समय अंपायरों द्वारा इंग्लैंड को 4 बाय रन सहित कुछ 6 रन देने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। 5 बार बेस्ट अंपायर घोषित किए गए ऑस्ट्रेलिया के साइमन टॉफेल ने अंपायरों के इस फैसले को गलत बताया। टॉफेल के मुताबिक आईसीसी के नियमों के मुताबिक इंग्लैंड को इस समय 6 की जगह 5 रन मिलना थे, जबकि कुमार धर्मसेना ने इशारा करते हुए 6 रन दिए।

बता दें कि इंग्लैंड को जीत के लिए अंतिम ओवर में 15 रनों की जरुरत थी। ट्रेंट बोल्ट के इस ओवर की पहली 2 गेंदें खाली गई। तीसरी गेंद पर बेन स्टोक्स ने छक्का मारा। इस तरह इंग्लैंड को 3 गेंदों में 9 रनों की जरूरत थी। चौथी गेंद पर स्टोक्स ने डीप मिडविकेट पर शॉट खेला। मार्टिन गप्टिल ने स्टम्प्स की ओर थ्रो किया, लेकिन रन आउट से बचने के लिए स्टोक्स ने डाइव लगा दी। इसी दौरान गेंद स्टोक्स के बल्ले से टकराई और बाउंड्री पार चली गई। इस पर अंपायर कुमार धर्मसेना ने अपने सा‌थी अंपायर इरासमस से चर्चा के बाद इंग्लैंड को 6 रन दे दिए। इसमें 2 रन तो बल्लेबाजों ने दौड़ कर लिए और 4 रन ओवरथ्रो से मिले। इन 6 रनों के कारण इंग्लैंड अंत में 241 रन तक पहुंचा और स्कोर लेवल हो गए। बाद में मैच सुपर ओवर तक खिंच गया और सुपर ओवर में तकनीकी आधार पर इंग्लैंड को खिताब मिला।

अंपायरों द्वारा 6 रन देने के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं। 5 बार आईसीसी बेस्ट अंपायर ऑफ द ईयर रहे साइमन टॉफेल ने अंपायरों के इस फैसले को गलत बताया है। टॉफेल ने कहा कि आईसीसी के नियमानुसार इंग्लैंड को 6 की जगह 5 रन मिलने चाहिए थे क्योंकि ओवर थ्रो के दौरान दोनों बल्लेबाजों ने एक दूसरे को क्रॉस नहीं किया था। टॉफेल के मुताबिक अंपायरों ने यहां अपना फैसला देने में गलती कीी।

ये आईसीसी का नियम

टॉफेल ने इससे संबंधित नियम का उल्लेख करते हुए बताया आईसीसी के नियम 19.8 के अनुसार यदि ओवर थ्रो के बाद गेंद बाउंड्री के पार जाती है, तो पेनल्टी के रन में बल्लेबाजों द्वारा पूरे किए गए रन भी जुड़ते हैं। यदि बल्लेबाजों ने एक ही रन पूरा किया और दूसरे के लिए दौड़ रहे हैं, तब ये देखा जाता है कि फील्डर के गेंद थ्रो करने से पहले दोनों बल्लेबाज क्रॉस हुए हैं या नहीं। यदि दोनों बल्लेबाज क्रॉस नहीं तो एक ही रन टीम को मिलता है, बाकि पेनल्टी के रूप में बाउंड्री के रन मिलते हैं।

स्टोक्स-रशीद ने एक ही रन पूरा किया था

टॉफेल की बात में इसलिए भी दम नजर आ रहा है कि फाइनल के टीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि इस वाकये के दौरान जब गप्टिल ने थ्रो किया था, तब बल्लेबाज बेन स्टोक्स और आदिल रशीद ने केवल एक रन पूरा किया था और दूसरा रन लेने के दौरान एक दूसरे को क्रॉस नहीं किया था। इस दौरान थ्रो को सटीक स्टम्प्स की ओर आता देख स्टोक्स ने रन आउट से बचने के लिए डाइव लगा दी। उसी समय गेंद बल्ले से टकराई और बाउंड्री लाइन पार कर गई।

रोमांच की सारी हदों को पार कर गया मैच

इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच हुआ ये फाइनल वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे रोमांचक मुकाबला रहा। ये पहला फाइनल रहा जो सुपर ओवर तक गया। इतना ही नहीं सुपर ओवर में भी मैच टाई रहा, तब तकनीकी पक्ष निकाला गया और बाउंड्री काउंट के आधार इंग्लैंड ने खिताब जीता। पूरे मैच में इंग्लैंड ने 26 और न्यूजीलैंड ने 17 बाउंड्री लगाईं।

टॉफेल 2011 वर्ल्ड कप के फाइनल में अंपायर थे

टॉफेल को क्रिकेट की दुनिया का बेहतरीन अंपायर माना जाता है। वे 5 बार आईसीसी अंपायर ऑफ द ईयर रह चुके हैं। उन्होंने 74 टेस्ट और 174 वनडे और 34 टी-20 में अंपायरिंग की। 1999 में उन्होंने पहली बार अंतरराष्ट्रीय मैच में अंपायरिंग की, जबकि 2012 में उन्होंने संन्यास लिया। टॉफेल साल 2011 वर्ल्ड कप के फाइनल में अंपायरिंग कर चुके हैं।