क्राइस्टचर्च। Virat Kohli aim to avoid unwanted Record: भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा टेस्ट मैच शनिवार से यहां खेला जाएगा। पहला टेस्ट 10 विकेट से हार चुकी भारतीय टीम Christchurch Test में प्रदर्शन में सुधार करने को बेताब रहेगी। भारतीय कप्तान Virat Kohli की निगाहें इस टेस्ट में धमाकेदार प्रदर्शन कर अनचाहे रिकॉर्ड से बचने पर टिकी रहेगी।

Virat Kohli ने जब से टीम इंडिया की कमान संभाली है तब से टीम ने कभी भी किसी सीरीज में पूरे मैच नहीं गवाए हैं। पहला टेस्ट मैच आसानी से जीत चुकी न्यूजीलैंड के पास Christchurch Test को जीतकर भारत के सफाए का मौका रहेगा, इसके चलते मेहमान भारतीय टीम को इस मैच में सुधरा हुआ प्रदर्शन करना होगा। यदि भारत ने दूसरा टेस्ट नहीं जीता तो Virat Kohli के नेतृत्व में यह पहला मौका होगा जब भारतीय टीम किसी टेस्ट सीरीज में एक भी मैच नहीं जीत पाएगी वैसे भी SENA देशों (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) में Virat Kohli के नेतृत्व में भारतीय टीम का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है और टीम 15 में से 4 टेस्ट मैच ही जीत पाई है। टीम को इस दौरान 9 टेस्ट मैचों में हार झेलनी पड़ी हैं।

विदेशों में टेस्ट कप्तान के रूप में सबसे ज्यादा हार :

विदेशी धरती पर टेस्ट कप्तान के रूप में सबसे ज्यादा हार का भारतीय रिकॉर्ड महेंद्रसिंह धोनी के नाम दर्ज है, उनके नेतृत्व में भारत को विदेशों में 15 टेस्ट मैचों में हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद विराट कोहली और सौरव गांगुली संयुक्त रूप से दूसरे क्रम पर हैं जिनके नेतृत्व में टीम को 10-10 टेस्ट में हार झेलनी पड़ी थी। यदि न्यूजीलैंड ने क्राइस्टचर्च टेस्ट में भारत को हरा दिया तो इस अनचाहे रिकॉर्ड के मामले में सौरव गांगुली को पीछे छोड़ विराट कोहली (विदेशी धरती पर 11 हार) दूसरे क्रम पर पहुंच जाएंगे।

Virat Kohli को यदि टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी तो उन्हें खुद न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। वेलिंगटन में पहले टेस्ट में विराट का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था और वे कुल 21 रन (2 रन और 19 रन) ही बना पाए थे। विराट चाहेंगे कि वे इस मैच में अच्छा प्रदर्शन कर टीम को प्रेरित करे।

Posted By: Kiran K Waikar